अमन दुबे
दादी की रोटी
17 जून 2026
स्त्रियों ने रोटी बनाई और
रखा खुद की पहुंच से दूर ।
भूख मे इतनी हिम्मत कहा
जो तोड़ सके इन सामाजिक बंधनों को
आज भी दादी ने नही खाया पापा और दादा से पहले
रसोई मे बैठी सुबह से तकती रही रोटिया, दादी को
मर्दो के खाने तक,
रोटियाँ आज भी है स्त्रियों से दूर ।।
©अमन दुबे 17 जून 2026@(कव्य कुंज, आलोक पत्रिका)