आलोक
दैनिक समसामयिक पत्रिका | 18 जून, 2026
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा केंद्र सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ के रिकॉर्ड अधिशेष (Surplus) हस्तांतरण को मंजूरी: खबर: भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा अधिशेष हस्तांतरण स्वीकृत किया है। यह निर्णय बिमल जालान समिति की सिफारिशों पर आधारित संशोधित 'आर्थिक पूंजी ढांचे' (Economic Capital Framework - ECF) के तहत लिया गया है।
महत्व: यह विशाल वित्तीय हस्तांतरण सरकार को राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित करने और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास में पूंजी निवेश बढ़ाने के लिए अतिरिक्त संसाधन प्रदान करेगा। हालांकि, विशेषज्ञ इसके चलते केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता और भविष्य के जोखिम बफ़र्स पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों पर भी चर्चा कर रहे हैं।
मनरेगा (MGNREGA) के स्थान पर लागू नए ग्रामीण रोजगार कानून 'VB-G RAM G' के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की घोषणा: खबर: विभिन्न श्रमिक संगठनों और नागरिक कार्यकर्ताओं ने 'विकसित भारत - रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन - ग्रामीण' (VB-G RAM G) अधिनियम को निरस्त कर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर 1 जुलाई से देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों की घोषणा की है।
महत्व: ग्रामीण रोजगार सुरक्षा के इस नए कानूनी ढांचे को लेकर प्रशासनिक और कल्याणकारी नीतियों के धरातल पर क्रियान्वयन को लेकर बहस छिड़ गई है। यह नीति निर्माताओं के समक्ष ग्रामीण संकट के समाधान और सामाजिक सुरक्षा नेट को सुदृढ़ रखने की दोहरी चुनौती पेश करता है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने और समुद्री नेविगेशन बहाली हेतु प्रारंभिक कूटनीतिक समझौता: खबर: लंबे समय से जारी गतिरोध के बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच एक 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमति बनने की रिपोर्ट आई है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन की बहाली और प्रतिबंधों में आंशिक ढील पर बातचीत का खाका तैयार हुआ है।
महत्व: वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का मार्ग जीवन रेखा के समान है। इस क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव कम होने से वैश्विक तेल कीमतों में स्थिरता आएगी और 'ग्लोबल साउथ' सहित भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बड़ी राहत मिलेगी।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) द्वारा सोशल मीडिया अकाउंट संचालन के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष निर्धारित: खबर: यूएई कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित कर देश में व्यक्तिगत सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाने और प्रबंधित करने के लिए न्यूनतम कानूनी आयु 15 वर्ष तय कर दी है। इसके साथ ही यूएई ऐसा सख्त नियम लागू करने वाला पहला अरब राष्ट्र बन गया है।
महत्व: डिजिटल युग में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, डेटा गोपनीयता और साइबर सुरक्षा के लिहाज से यह नीति एक मिसाल है। यह टेक कंपनियों को सिर्फ 'सेल्फ-डिक्लेरेशन' के बजाय एआई और डिजिटल पहचान आधारित कड़े आयु-सत्यापन तंत्र विकसित करने को मजबूर करेगी।
संसदीय समिति द्वारा शिक्षा पर सार्वजनिक व्यय को जीडीपी के 6 प्रतिशत तक बढ़ाने की सरकार से पुरजोर सिफारिश: खबर: संसद की एक उच्च स्तरीय समिति ने अपनी हालिया रिपोर्ट में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विजन को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षा बजट को वर्तमान स्तर से बढ़ाकर देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का न्यूनतम 6% करने का आग्रह किया है।
महत्व: भूटान और मालदीव जैसे पड़ोसी देशों द्वारा शिक्षा पर भारत से अधिक जीडीपी साझा करने का उदाहरण देते हुए समिति ने आगाह किया कि उच्च शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर टिके रहने के लिए सार्वजनिक वित्तपोषण में वार्षिक 8-10% की वृद्धि आवश्यक है।
यमुना बेसिन पर ₹12,000 करोड़ की किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन हेतु छह राज्यों में ऐतिहासिक समझौता: खबर: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) सहित उत्तर भारत में जल और बिजली संकट को दूर करने के लिए छह राज्यों (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान) ने बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना के लागत और लाभ-साझाकरण समझौते को अंतिम रूप दे दिया है।
महत्व: यह कदम अंतर-राज्यीय जल विवादों को सुलझाने और सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे यमुना नदी के प्रवाह में सुधार होगा और दिल्ली-राजस्थान को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
रक्षा मंत्रालय द्वारा आईआईटी कानपुर (IIT-K) में ₹500 करोड़ के राष्ट्रीय सैन्य ड्रोन प्रौद्योगिकी केंद्र को सैद्धांतिक मंजूरी: खबर: भारत को मानव रहित प्रणालियों (UAVs) में आत्मनिर्भर बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के आईआईटी कानपुर में एक उन्नत राष्ट्रीय मिलिट्री ड्रोन टेक्नोलॉजी हब स्थापित करने की मंजूरी दी है।
महत्व: यह अकादमी और रक्षा रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSUs) के बीच एक बड़ा तकनीकी तालमेल पैदा करेगा, जो 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत भविष्य के युद्धों के लिए स्वदेशी निगरानी और आक्रामक ड्रोन प्रणालियों के निर्माण को गति देगा।
भारत और जापान द्वारा पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6.2 के तहत 'संयुक्त क्रेडिटिंग तंत्र' (JCM) के कार्यान्वयन नियमों को दी गई मंजूरी: खबर: दोनों देशों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने वाली परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए द्विपक्षीय 'जॉइंट क्रेडिटींग मैकेनिज्म' (JCM) के दिशा-निर्देशों को आधिकारिक रूप से अपना लिया है।
महत्व: यह समझौता भारत में हरित निवेश, पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के हस्तांतरण और सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में वैश्विक कार्बन बाजार सहयोग का एक सुदृढ़ ढांचा प्रदान करता है।
4. देश: संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| भौगोलिक स्थिति | पश्चिम एशिया - अरब प्रायद्वीप के दक्षिण-पूर्व में फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के तट पर स्थित |
| राजधानी | अबू धाबी (Abu Dhabi) |
| मुद्रा | यूएई दिरहाम (UAE Dirham) |
| मुख्य भौगोलिक इकाई | रूबल खली रेगिस्तान (Rub' al Khali), हजर पर्वत श्रृंखला, तटीय द्वीप समूह |
| सामरिक महत्व | ओपेक (OPEC) का प्रमुख सदस्य, पश्चिम एशिया का प्रमुख व्यापारिक हब, हाल ही में सोशल मीडिया न्यूनतम आयु नियम के कारण चर्चा में |
भू-राजनीतिक महत्व: भारत अपनी 'पश्चिम एशिया नीति' और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से यूएई को एक अत्यंत विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार मानता है। व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) और प्रवासियों की बड़ी आबादी के चलते दोनों देशों के संबंध आर्थिक सहयोग से आगे बढ़कर अब समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-विरोध और फिनटेक (Fintech) के क्षेत्र में गहरे हो चुके हैं।
5. राज्य विशेष: उत्तराखंड (Uttarakhand)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| भौगोलिक स्थिति | उत्तरी भारत - हिमालय की गोद में स्थित, तिब्बत (चीन) और नेपाल के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमाएँ |
| राजधानी | देहरादून (शीतकालीन), गैरसैंण (ग्रीष्मकालीन) |
| मुख्य नदियाँ एवं जल अवसंरचना | गंगा, यमुना, टोंस, भागीरथी; टिहरी बांध और हालिया चर्चा में रही किशाऊ बांध परियोजना (टोंस नदी पर हिमाचल सीमा पर) |
| मुख्य भौगोलिक इकाई | नंदा देवी चोटी, फूलों की घाटी, जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान |
| विशेषता | 'देवभूमि' के रूप में प्रसिद्ध, सामरिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती राज्य और आपदा प्रबंधन (भूस्खलन व फ्लैश फ्लड) के लिहाज से महत्वपूर्ण |
सामरिक एवं आर्थिक महत्व: चीन के साथ सीमा साझा करने के कारण उत्तराखंड राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। चारधाम ऑल-वेदर रोड परियोजना और सीमावर्ती गांवों के विकास (Vibrant Villages Programme) से जहाँ सामरिक आवागमन सुगम हुआ है, वहीं किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना जैसे अंतर-राज्यीय बांधों से राज्य को भारी मात्रा में जल-विद्युत और राजस्व मिलने की राह खुली है।
6. भौगोलिक इकाई: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)
| प्रकार | वैश्विक कच्चे तेल के परिवहन की सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री जलसंधि |
|---|---|
| जोड़ता है | फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) तथा अरब सागर से |
| भौगोलिक स्थिति | उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान (मुसेंदम प्रायद्वीप) व यूएई के बीच स्थित |
| महत्व | दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा इसी संकरे मार्ग से होकर गुजरता है |
भू-राजनीतिक महत्व: होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का एक प्रमुख 'चोक पॉइंट' (Choke Point) है। ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव के समय इस मार्ग को बंद करने की धमकियाँ वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला देती हैं। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच वाणिज्यिक नौवहन की सुरक्षा को लेकर हुए प्रारंभिक फ्रेमवर्क समझौते ने वैश्विक बाजारों को बड़ी राहत दी है।
5. भारतीय अर्थव्यवस्था: केंद्रीय बैंक का अधिशेष हस्तांतरण और राजकोषीय संघवाद पर इसका प्रभाव
विश्लेषण: आरबीआई द्वारा केंद्र सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ के रिकॉर्ड सरप्लस का हस्तांतरण अल्पकालिक राजकोषीय प्रबंधन के लिए एक वरदान है, लेकिन यह व्यापक आर्थिक स्थिरता और राजकोषीय संघवाद (Fiscal Federalism) के मोर्चे पर कई सवाल खड़े करता है। बिमल जालान समिति के 'इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क' (ECF) के तहत यह वैधानिक रूप से मान्य है, परंतु केंद्रीय बैंक के लाभांश पर सरकार की बढ़ती निर्भरता कराधान और गैर-कर राजस्व के अन्य स्थायी स्रोतों को विकसित करने के प्रयासों को धीमा कर सकती है। इसके अतिरिक्त, इस अधिशेष का उपयोग राज्यों के साथ किस प्रकार साझा किया जाता है, यह भी सहकारी संघवाद की मजबूती तय करेगा।
6. सामाजिक न्याय एवं शिक्षा: शिक्षा बजट को 6% करना - केवल वित्तीय आवंटन या संरचनात्मक आवश्यकता?
विश्लेषण: संसदीय समिति द्वारा शिक्षा पर सार्वजनिक व्यय को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 6% तक ले जाने का आग्रह भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) को भुनाने के लिए अपरिहार्य है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लागू होने के बावजूद, शिक्षा पर वास्तविक खर्च अभी भी 3-4% के आसपास बना हुआ है। सिर्फ बजट बढ़ाना पर्याप्त नहीं है; चुनौती प्राथमिक शिक्षा में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने, शिक्षकों के कौशल उन्नयन और उच्च शिक्षण संस्थानों को अनुसंधान-उन्मुख बनाने की है ताकि हम केवल डिग्री धारक कार्यबल के बजाय वैश्विक स्तर पर नवाचार का नेतृत्व करने वाले मानव संसाधन तैयार कर सकें।
7. आंतरिक सुरक्षा एवं रक्षा तकनीक: स्वदेशी ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र और भविष्य के हाइब्रिड युद्ध की चुनौतियां
विश्लेषण: रक्षा मंत्रालय द्वारा आईआईटी कानपुर में ₹500 करोड़ के राष्ट्रीय सैन्य ड्रोन प्रौद्योगिकी केंद्र की स्थापना भविष्य के युद्धों के बदलते स्वरूप (Changing Nature of Warfare) की प्रशासनिक स्वीकार्यता को दर्शाता है। आधुनिक युद्ध केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं, बल्कि मानव रहित प्रणालियों, स्वायत्त हथियारों और एआई-संचालित काउंटर-ड्रोन प्रणालियों के जरिए लड़े जा रहे हैं। भारत के लिए चुनौती केवल सैन्य स्तर पर ड्रोन निर्माण की नहीं है, बल्कि नागरिक सुरक्षा, अवैध सीमा पार ड्रोन गतिविधियों (जैसे हथियारों व ड्रग्स की तस्करी) को रोकने और डेटा सुरक्षा के लिए एक एकीकृत विधिक व तकनीकी तंत्र स्थापित करने की भी है।
प्रेरक उद्धरण (UPSC मुख्य परीक्षा परिप्रेक्ष्य)
"विद्या ददाति विनयं विनयाद् याति पात्रताम्। पात्रत्वात् धनमाप्नोति धनाद् धर्मं ततः सुखम्॥" (विद्या विनय देती है, विनय से पात्रता आती है, पात्रता से धन, धन से धर्म और धर्म से सुख प्राप्त होता है।) - हितोपदेश
व्याख्या: यह सूक्ति मानव जीवन और राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की बुनियादी और क्रमिक भूमिका को रेखांकित करती है। संसदीय समिति द्वारा शिक्षा बजट को जीडीपी का 6% करने की मांग केवल एक आर्थिक विवशता नहीं, बल्कि राष्ट्र की 'पात्रता' और मानव पूंजी को समृद्ध करने का नैतिक आधार है। जब तक शिक्षा समावेशी और गुणवत्तापूर्ण नहीं होगी, तब तक सामाजिक न्याय और सतत आर्थिक समृद्धि की कल्पना अधूरी है। इसे निबंध, नीतिशास्त्र (GS Paper 4) और GS Paper 2 (सामाजिक न्याय - शिक्षा) में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सकता है।
आज का प्रश्न (Mains Perspective - GS Paper 3)
प्रश्न: "केंद्रीय बैंकों द्वारा सरकारों को बड़े पैमाने पर अधिशेष (Surplus) हस्तांतरण राजकोषीय घाटे को तात्कालिक सहारा तो प्रदान करता है, परंतु यह केंद्रीय बैंक की दीर्घकालिक वित्तीय सुदृढ़ता और मौद्रिक नीति की स्वायत्तता के समक्ष संस्थागत चुनौतियां उत्पन्न कर सकता है।" आर्थिक पूंजी ढांचे (ECF) के आलोक में इस कथन का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
आज का अभ्यास प्रश्न (अभ्यास)
प्रश्न 1: हाल ही में समाचारों में रहा 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz), जो एक प्रमुख वैश्विक चोक पॉइंट है, किन दो महत्वपूर्ण जल निकायों (Water Bodies) को आपस में जोड़ता है?
उत्तर: यह फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) और अरब सागर से जोड़ता है।
प्रश्न 2: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा केंद्र सरकार को किए जाने वाले अधिशेष हस्तांतरण की सीमा और जोखिम बफ़र्स का निर्धारण किस समिति की सिफारिशों पर आधारित 'आर्थिक पूंजी ढांचे' (ECF) द्वारा किया जाता है?
उत्तर: बिमल जालान समिति (Bimal Jalan Committee)।