आलोक
दैनिक समसामयिक पत्रिका | 19 जून, 2026
नीति आयोग ने भारत के पहले 'राष्ट्रीय एआई सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड' (NASG) के खाके को दी मंजूरी: खबर: नीति आयोग ने देश के अनुसंधान संस्थानों और स्टार्टअप्स को बेहद कम लागत पर सुरक्षित और उन्नत एआई कंप्यूटिंग क्षमताएं प्रदान करने के लिए एक 'राष्ट्रीय एआई सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड' स्थापित करने की रूपरेखा जारी की है। इस ग्रिड के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर देश के पांच प्रमुख शहरों में नए डेटा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
महत्व: वैश्विक स्तर पर एआई संप्रभुता (AI Sovereignty) की दौड़ में यह भारत के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। विदेशी क्लाउड सर्वरों पर भारतीय स्टार्टअप्स की निर्भरता कम होने से न केवल रणनीतिक डेटा सुरक्षित रहेगा, बल्कि 'सॉवरेन एआई' के निर्माण को भी गति मिलेगी।
संसद के आगामी मानसून सत्र में 'राष्ट्रीय डिजिटल अवसंरचना और गोपनीयता सुरक्षा' (NDIPS) विधेयक पेश करने की तैयारी: खबर: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने घोषणा की है कि डेटा सुरक्षा के नए वैश्विक मानकों और बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए पुराने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून में संशोधन कर एक अधिक सख्त और व्यापक नया डिजिटल सुरक्षा विधेयक लाया जा रहा है।
महत्व: यह कदम डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रशासनिक सुरक्षा और नागरिक अधिकारों के बीच एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच का काम करेगा। नए कानून में एआई-जनित डीपफेक और वित्तीय धोखाधड़ी के सिंडिकेट्स के लिए कड़े दंड व जुर्माने का प्रावधान शामिल किए जाने की संभावना है।
इंडो-पैसिफिक में नौसैनिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत और फिलीपींस के बीच व्यापक रक्षा समझौता: खबर: मनीला में आयोजित द्विपक्षीय सुरक्षा बैठक के दौरान भारत और फिलीपींस ने रणनीतिक खुफिया जानकारी साझा करने तथा दक्षिण चीन सागर के निकटवर्ती क्षेत्रों में संयुक्त नौसैनिक गश्त (Joint Naval Patrols) शुरू करने के लिए एक ऐतिहासिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
महत्व: ब्रह्मोस मिसाइल सौदे के बाद भारत-फिलीपींस के बीच यह समझौता इस क्षेत्र में चीन की एकतरफा समुद्री आक्रामकता को संतुलित करने में एक बड़ा भू-राजनीतिक कदम है। यह वैश्विक नियमों पर आधारित समुद्री व्यवस्था (Rules-based Maritime Order) को बढ़ावा देने की भारत की 'एक्ट ईस्ट नीति' की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
यूरोपीय संघ (EU) ने लागू किया नया 'हरित आपूर्ति श्रृंखला और वनों की कटाई रोधी' नियमन: खबर: यूरोपीय संघ ने सख्त रुख अपनाते हुए नया कानून लागू किया है जिसके तहत ईयू के बाजारों में बिकने वाले कॉफी, सोया, रबर और लकड़ी जैसे उत्पादों के आयातकों को यह प्रमाणित करना अनिवार्य होगा कि उनके उत्पादन के लिए किसी भी वन क्षेत्र को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।
महत्व: यह वैश्विक व्यापार और पर्यावरण नीतियों के एकीकरण का एक बड़ा उदाहरण है। हालांकि, विकासशील देशों (Global South) ने चिंता व्यक्त की है कि यह नियम छोटे किसानों के लिए एक गैर-टैरिफ व्यापार बाधा (Non-tariff Barrier) बन सकता है, जिससे कूटनीतिक स्तर पर व्यापारिक मतभेद बढ़ने की आशंका है।
वित्त मंत्रालय द्वारा 'राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन' (NIP) के तहत स्मार्ट सिटीज के लिए नए वित्तीय प्रोत्साहन ढांचे की घोषणा: खबर: देश के टायर-2 और टायर-3 शहरों में सतत शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बेहतर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) और हरित सार्वजनिक परिवहन अपनाने वाले स्थानीय निकायों को ₹15,000 करोड़ का अतिरिक्त विकास अनुदान देने की नीति जारी की है।
महत्व: यह नीतिगत पहल राजकोषीय संघवाद में 'परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव' को बढ़ावा देती है। यह स्थानीय शहरी निकायों (ULBs) को प्रशासनिक रूप से अधिक कुशल, आत्मनिर्भर और पर्यावरण के प्रति जवाबदेह बनने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
असम सरकार और कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के बीच प्रशासनिक विवाद सुलझाने के लिए त्रिपक्षीय समिति गठित: खबर: गृह मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद, असम के जनजातीय क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारों और भूमि प्रबंधन से जुड़े विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने के लिए केंद्र, राज्य और स्वायत्त परिषद के प्रतिनिधियों को मिलाकर एक उच्च स्तरीय कार्यबल का गठन किया गया है।
महत्व: स्थानीय स्वशासन (Local Self-Governance) को सुदृढ़ रखने और पूर्वोत्तर में आंतरिक सुरक्षा को बनाए रखने के लिए यह प्रशासनिक पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो क्षेत्रीय आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ती है।
भारतीय नौसेना ने विशाखापत्तनम तट पर स्वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्धपोत 'आईएनएस अंजदीप' का किया सफल परीक्षण: खबर: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और जीआरएसई (GRSE) द्वारा निर्मित एएसडब्ल्यू शैलो वाटर क्राफ्ट श्रृंखला के अत्याधुनिक युद्धपोत ने समुद्री परीक्षणों के दौरान सोनार और टॉरपीडो प्रणालियों का सफल प्रदर्शन किया।
महत्व: हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में विदेशी पनडुब्बियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए भारत की तटीय रक्षा और पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमता (Anti-Submarine Warfare) को बढ़ाने में यह मील का पत्थर है।
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के दावों के मूल्यांकन के लिए नया पैनल बनाया: खबर: आईओसी ने भारत सहित विभिन्न दावेदार देशों के बुनियादी ढांचे, तकनीकी क्षमताओं और खेल कूटनीति के आकलन के लिए एक विशेष 'फ्यूचर होस्ट कमीशन' का गठन किया है, जो अगले छह महीनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
महत्व: भारत द्वारा 2036 खेलों की मेजबानी की आधिकारिक दावेदारी के बीच यह प्रशासनिक कदम देश के खेल अवसंरचनात्मक विकास और वैश्विक खेल कूटनीति (Sports Diplomacy) के मंच पर अपनी छाप छोड़ने का एक बड़ा अवसर है।
4. देश: फिलीपींस (Philippines)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| भौगोलिक स्थिति | दक्षिण-पूर्व एशिया - पश्चिमी प्रशांत महासागर में स्थित एक विशाल द्वीपसमूह देश |
| राजधानी | मनीला (Manila) |
| मुद्रा | फिलीपीन पेसो (Philippine Peso) |
| मुख्य भौगोलिक इकाई | लूजोन और मिंडानाओ द्वीप समूह, प्रशांत महासागर की 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित |
| सामरिक महत्व | आसियान (ASEAN) का संस्थापक सदस्य, दक्षिण चीन सागर विवाद का केंद्रबिंदु और भारत का प्रमुख एक्ट ईस्ट साझेदार |
भू-राजनीतिक महत्व: भारत और फिलीपींस के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंध हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए अनिवार्य हैं। फिलीपींस द्वारा भारत से ब्रह्मोस मिसाइल प्रणालियों की खरीद और हालिया संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग यह दर्शाता है कि दोनों देश समुद्री संप्रभुता और नेविगेशन की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एक समान विजन साझा करते हैं।
5. राज्य विशेष: असम (Assam)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| क्षेत्रफल | 78,438 वर्ग किमी (पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार) |
| राजधानी | दिसपुर |
| मुख्य नदियाँ एवं भौगोलिक इकाई | ब्रह्मपुत्र और बराक नदी घाटियाँ; काजीरंगा और मानस राष्ट्रीय उद्यान |
| विशेष प्रशासनिक ढांचा | संविधान की छठी अनुसूची के तहत 'कार्बी आंगलोंग' और 'बोडोलैंड' जैसी स्वायत्त परिषदें शामिल |
| अंतरराष्ट्रीय सीमा | भूटान और बांग्लादेश के साथ सामरिक सीमाएँ साझा करता है |
सामरिक एवं आर्थिक महत्व: अपनी अद्वितीय भौगोलिक स्थिति के कारण असम भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' का मुख्य केंद्र है। बांग्लादेश और भूटान के साथ सीमाओं के कारण यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सीमा सुरक्षा (घुसपैठ व तस्करी नियंत्रण) के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता वाला राज्य है। स्थानीय स्वायत्त परिषदों के जरिए जनजातीय संस्कृतियों और प्रशासनिक अधिकारों का संरक्षण यहाँ की आंतरिक शांति के लिए महत्वपूर्ण है।
6. भौगोलिक इकाई: दक्षिण चीन सागर (South China Sea)
| प्रकार | पश्चिमी प्रशांत महासागर का अत्यधिक विवादित और रणनीतिक सीमांत सागर |
|---|---|
| जोड़ता है | प्रशांत महासागर को हिंद महासागर (मलक्का जलडमरूमध्य के माध्यम से) से |
| तटीय देश | चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान |
| महत्व | वैश्विक समुद्री व्यापार का लगभग एक-तिहाई मार्ग; द्वीपीय श्रृंखलाएं (जैसे स्प्रैटली और पैरासेल) और तेल व गैस भंडार से समृद्ध |
भू-राजनीतिक महत्व: चीन द्वारा 'नाइन-डैश लाइन' के जरिए इस पूरे सागर पर किए जाने वाले दावों का फिलीपींस और वियतनाम जैसे देश कड़ा विरोध करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (PCA) के 2016 के ऐतिहासिक फैसले के बावजूद यहाँ सैन्यीकरण जारी है। भारत के लिए यह मार्ग व्यापारिक और रणनीतिक दोनों दृष्टिकोणों से बेहद महत्वपूर्ण है, जिसके कारण भारत यहाँ 'नेविगेशन की स्वतंत्रता' (Freedom of Navigation) का पुरजोर समर्थन करता है।
5. अंतर्राष्ट्रीय संबंध: दक्षिण चीन सागर में भारत की बढ़ती कूटनीतिक उपस्थिति और फिलीपींस के साथ रक्षा साझेदारी
विश्लेषण: भारत और फिलीपींस के बीच हालिया रक्षा समझौता भारत की पारंपरिक 'लुक ईस्ट' नीति के 'एक्ट ईस्ट' नीति में पूरी तरह से तब्दील होने का स्पष्ट प्रमाण है। दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामक नीति और कृत्रिम द्वीपों के निर्माण ने क्षेत्र के छोटे देशों की संप्रभुता को खतरे में डाला है। भारत के लिए चुनौती यह है कि वह बिना किसी सैन्य गुट (Military Alliance) का हिस्सा बने, आसियान देशों की रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करे ताकि चीन पर एक विश्वसनीय कूटनीतिक दबाव बनाया जा सके। फिलीपींस के साथ सहयोग भारत की 'इंडो-पैसिफिक महासागर पहल' (IPOI) के उद्देश्यों के पूर्णतः अनुकूल है।
6. आंतरिक सुरक्षा एवं डिजिटल संप्रभुता: राष्ट्रीय एआई सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड (NASG) और डेटा संप्रभुता की सुरक्षा
विश्लेषण: नीति आयोग द्वारा राष्ट्रीय एआई सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड के खाके को मंजूरी देना भारत की डिजिटल संप्रभुता (Digital Sovereignty) की दिशा में एक क्रांतिकारी प्रशासनिक निर्णय है। डेटा को 21वीं सदी का नया तेल कहा जा रहा है, और जो देश कंप्यूटिंग अवसंरचना पर नियंत्रण रखेगा, वही वैश्विक कूटनीति की दिशा तय करेगा। हाइब्रिड खतरों के वर्तमान दौर में विदेशी सर्वरों पर निर्भरता राष्ट्रीय डेटा लीक और साइबर जासूसी के जोखिम को बढ़ाती है। घरेलू स्तर पर सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड का विकास न केवल संवेदनशील डेटा को सुरक्षित रखेगा, बल्कि देश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को साइबर अपराधों और वित्तीय फ्रॉड सिंडिकेट्स से निपटने के लिए रीयल-टाइम एआई टूल्स विकसित करने की क्षमता भी देगा।
7. पर्यावरण एवं अर्थव्यवस्था: यूरोपीय संघ के नए हरित नियमन (Deforestation Regulation) और 'ग्लोबल साउथ' की चुनौतियां
विश्लेषण: यूरोपीय संघ का नया वनों की कटाई रोधी नियमन यह दर्शाता है कि पर्यावरण मानक किस प्रकार वैश्विक व्यापारिक नीतियों को प्रभावित कर रहे हैं। यद्यपि पर्यावरण सततता एक स्वागत योग्य कदम है, परंतु इस प्रकार के कठोर नियम विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के छोटे और सीमांत किसानों पर भारी अनुपालन लागत (Compliance Cost) थोपते हैं। भारत के कॉफी, रबर और कृषि निर्यात के लिए यह एक नई चुनौती है। नीति निर्माताओं के समक्ष यह चुनौती है कि वे घरेलू कृषि और आपूर्ति श्रृंखला को आधुनिक तकनीकों (जैसे ब्लॉकचेन और जियो-टैगिंग) से जोड़ें ताकि भारतीय निर्यात बिना किसी बाधा के वैश्विक मानकों पर खरा उतर सके।
प्रेरक उद्धरण (UPSC मुख्य परीक्षा परिप्रेक्ष्य)
"पृथिवी धर्मणा धृता।" (यह पृथ्वी धर्म यानी संतुलन, न्याय और सही आचरण द्वारा टिकी हुई है।) - अथर्ववेद
व्याख्या: यह प्राचीन विचार वैश्विक शासन और पर्यावरण नीतियों के मूल सिद्धांत को व्यक्त करता है। 'धर्म' का अर्थ यहाँ केवल मजहब नहीं, बल्कि वैश्विक व्यवस्था में नियम-आधारित आचरण (Rules-based Order) और प्रकृति व विकास के बीच संतुलन स्थापित करना है। चाहे वह दक्षिण चीन सागर में अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का पालन करना हो, या आंतरिक रूप से एआई जैसी तकनीकों का विधिक व नैतिक उपयोग करना हो, अथवा पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ विकासशील देशों के आर्थिक हितों को सुरक्षित रखना हो—यह विचार सदैव एक मार्गदर्शक प्रकाश स्तंभ की भांति कार्य करता है। इसे निबंध, अंतर्राष्ट्रीय संबंध (GS Paper 2) और नीतिशास्त्र (GS Paper 4) में प्रभावी ढंग से प्रयुक्त किया जा सकता है।
आज का प्रश्न (Mains Perspective - GS Paper 2)
प्रश्न: "दक्षिण चीन सागर में हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने भारत को अपनी पारंपरिक रक्षा कूटनीति की सीमाओं से बाहर निकलने पर मजबूर किया है।" फिलीपींस के साथ भारत की बढ़ती रणनीतिक व नौसैनिक साझेदारी के संदर्भ में इस कथन का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए तथा इसके क्षेत्रीय सुरक्षा नियतार्थों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
आज का अभ्यास प्रश्न (अभ्यास)
प्रश्न 1: हाल ही में समाचारों में रहा 'स्प्रैटली' और 'पैरासेल' द्वीप समूह (Spratly and Paracel Islands) की भौगोलिक स्थिति किस सागर में है, जो वैश्विक रणनीतिक विवादों का केंद्र बना हुआ है?
उत्तर: दक्षिण चीन सागर (South China Sea)।
प्रश्न 2: भारत के किस पूर्वोत्तर राज्य में 'कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद' (Karbi Anglong Autonomous Council) स्थित है, जिसे संविधान की छठी अनुसूची के तहत विशेष प्रशासनिक अधिकार प्राप्त हैं?
उत्तर: असम (Assam)।