14/06/2026

आलोक पत्रिका - 14 जून, 2026

आलोक

दैनिक समसामयिक पत्रिका | 14 जून, 2026

राष्ट्रीय परिदृश्य

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा स्वदेशी CRISPR-आधारित सिकल सेल एनीमिया थेरेपी का सफल क्लीनिकल ट्रायल: खबर: आईसीएमआर ने राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत देश के पहले पूर्णतः स्वदेशी जीन-एडिटिंग (CRISPR-Cas9) थेरेपी का दूसरा चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। जनजातीय क्षेत्रों में पाशविक रूप से फैली इस आनुवंशिक बीमारी के मरीजों पर इसके परिणाम शत-प्रतिशत सकारात्मक रहे हैं।

महत्व: वैश्विक स्तर पर जीन थेरेपी की अत्यधिक लागत को देखते हुए, भारत द्वारा इसे किफायती दरों पर विकसित करना स्वास्थ्य संप्रभुता की दिशा में मील का पत्थर है। यह तकनीक देश के सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में जीवन प्रत्याशा बढ़ाने और आनुवंशिक स्वास्थ्य असमानता को मिटाने में बड़ी भूमिका निभाएगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) द्वारा भारत के पहले 'क्वांटम कंप्यूटिंग क्लाउड सिमुलेटर' (QCCS-2.0) का अनावरण: खबर: मंत्रालय ने सीडैक (C-DAC) के सहयोग से राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के अंतर्गत शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स के लिए उन्नत क्वांटम क्लाउड नेटवर्क लॉन्च किया है। इसके माध्यम से बिना भौतिक क्वांटम कंप्यूटर खरीदे जटिल एल्गोरिदम की टेस्टिंग की जा सकेगी।

महत्व: साइबर सुरक्षा, डेटा एन्क्रिप्शन और मौसम पूर्वानुमान के इस युग में क्वांटम प्रभुत्व स्थापित करना भारत के लिए अनिवार्य है। यह कदम देश के तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को साइबर-फ्यूचर के अनुकूल बनाएगा और शोध की लागत को कम करेगा।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 'डिजिटल एग्रीस्टैक' (Digital AgriStack) के राष्ट्रव्यापी विस्तार की घोषणा: खबर: देश के सभी राज्यों के भू-अभिलेखों (Land Records) को किसानों की विशिष्ट डिजिटल आईडी (AgriStack ID) से जोड़ने का काम पूरा कर लिया गया है। इससे किसानों को सीधे उनके प्रोफाइल के आधार पर लक्षित फसल ऋण और फसल बीमा का लाभ मिल सकेगा।

महत्व: यह कृषि क्षेत्र में प्रशासनिक बिचौलियों और भ्रष्टाचार को समाप्त करने का सबसे बड़ा डिजिटल सुधार है। इससे वास्तविक समय में कृषि सांख्यिकी का डेटा मिलेगा, जिससे सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और सूखा राहत प्रबंधन में सटीक निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

🌐 अंतर्राष्ट्रीय (International)

भारत और वियतनाम के बीच 'दक्षिण चीन सागर' में नौसैनिक सुरक्षा और रसद सहयोग (Logistics Support) समझौता: खबर: हनोई में आयोजित दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के शिखर सम्मेलन में भारतीय नौसेना और वियतनामी पीपुल्स नेवी के बीच 'क्रॉस-प्रोविजनेरिंग पैक्ट' पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे दोनों देश एक-दूसरे के नौसैनिक अड्डों का उपयोग ईंधन और रसद के लिए कर सकेंगे।

महत्व: दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामक 'नाइन-डैश लाइन' की नीति के प्रत्युत्तर में भारत का यह रणनीतिक कदम उसकी 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' (Act East Policy) की परिपक्वता को दर्शाता है। वियतनाम के साथ यह रक्षा कूटनीति इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में 'नेविगेशन की स्वतंत्रता' सुनिश्चित करने के लिए अपरिहार्य है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की रिपोर्ट में 'डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर' (DPI) के लिए भारतीय मॉडल की सराहना: खबर: आईएमएफ ने अपनी वार्षिक आउटलुक रिपोर्ट में भारत के 'इंडिया स्टैक' (UPI, डिजिलॉकर, ONDC) को वैश्विक वित्तीय समावेशन के लिए सर्वश्रेष्ठ बेंचमार्क घोषित किया है और विकासशील देशों को इसे अपनाने की सलाह दी है।

महत्व: यह वैश्विक मंच पर भारत की 'सॉफ्ट पावर' (Soft Power) को कूटनीतिक रूप से मजबूत करता है। भारत द्वारा अन्य लैटिन अमेरिकी और अफ्रीकी देशों को मुफ्त में यूपीआई तकनीक ट्रांसफर करना वैश्विक शासन में उसके नेतृत्व को प्रमाणित करता है।

प्रशासन एवं नीति (Administration And Policy)

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' के तहत 'शिपिंग ग्रीनिंग इंसेंटिव' को मंजूरी: खबर: सरकार ने भारतीय बंदरगाहों पर आने वाले मालवाहक जहाजों के लिए हरित हाइड्रोजन और अमोनिया बंकरिंग स्टेशन स्थापित करने हेतु ₹5,000 करोड़ के अतिरिक्त वित्तीय आवंटन को मंजूरी दी है।

महत्व: यह नीति भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार के डीकार्बोनाइजेशन (Decarbonization) का मुख्य केंद्र बनाएगी, जिससे 'पंचामृत' लक्ष्यों (COP26) के तहत 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन हासिल करने की प्रशासनिक प्रतिबद्धता सिद्ध होती है।

नीति आयोग द्वारा 'सस्टेनेबल सिटीज इंडेक्स-2026' जारी: खबर: देश के 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के मूल्यांकन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सौर ऊर्जा प्रणालियों के उपयोग और हरित परिवहन (Green Mobility) के आधार पर **इंदौर** ने लगातार पाँचवीं बार शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि **बेंगलुरु** ने इनोवेशन श्रेणी में बाजी मारी है।

महत्व: यह सूचकांक शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के बीच प्रतिस्पर्धी संघवाद को बढ़ावा देता है, जिससे स्मार्ट सिटीज मिशन के बजटीय आवंटन का अनुकूलतम और परिणाम-उन्मुख उपयोग सुनिश्चित होता है।

रक्षा, खेल एवं विविध (Defense, Sports & Miscellaneous)

भारतीय सेना में स्वदेशी 'लोइटर म्यूनिशन' (Kamikaze Drones) 'नागास्त्र-2' की पहली खेप शामिल: खबर: रक्षा मंत्रालय ने पूरी तरह स्वदेशी रूप से विकसित आत्मघाती ड्रोन 'नागास्त्र-2' को लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश की अग्रिम चौकियों पर तैनात कर दिया है। यह ड्रोन जीपीएस-बाधित क्षेत्रों में भी दुश्मन के बंकरों को सटीक रूप से नष्ट करने में सक्षम है।

महत्व: आधुनिक युग के 'ड्रोन युद्ध' (जैसे यूक्रेन-रूस संघर्ष) को देखते हुए भारतीय सेना का यह आधुनिकीकरण उसकी रक्षात्मक और आक्रामक क्षमताओं में भारी वृद्धि करता है और विदेशी हथियारों पर निर्भरता को कम करता है।

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र में 'दुर्लभ पृथ्वी तत्वों' (Rare Earth Elements - REE) के विशाल भंडार की खोज: खबर: वैज्ञानिकों ने चांगथांग के ठंडे मरुस्थल में नियोडिमियम, लैंथेनम और येट्रियम जैसी 15 महत्वपूर्ण रेयर अर्थ धातुओं के उच्च सांद्रता वाले भंडार का पता लगाया है।

महत्व: सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरी और रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए ये तत्व रीढ़ की हड्डी हैं। वर्तमान में इन तत्वों पर चीन का वैश्विक एकाधिकार है, जिसे तोड़ने में भारत की यह खोज भू-रणनीतिक रूप से टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।

भौगोलिक और राजनीतिक जानकारी

4. देश: वियतनाम (Vietnam)

विशेषताविवरण
भौगोलिक स्थितिदक्षिण-पूर्व एशिया - इंडोचाइना प्रायद्वीप के पूर्वी तट पर, दक्षिण चीन सागर से सटा हुआ
राजधानीहनोई (प्रमुख बंदरगाह शहर: हो ची मिन्ह सिटी, दा नांग)
मुद्रावियतनामी डोंग (Vietnamese Dong)
मुख्य भौगोलिक इकाईमेकांग डेल्टा, रेड रिवर डेल्टा, अन्नामिट पर्वत श्रृंखला
सामरिक महत्वदक्षिण चीन सागर में पारगमन मार्गों पर नियंत्रण और चीन के प्रभुत्व को संतुलित करने वाली दक्षिण-पूर्व एशिया की धुरी

भू-राजनीतिक महत्व: वियतनाम की भौगोलिक स्थिति इसे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के विविधीकरण (China+1 रणनीति) का प्रमुख केंद्र बनाती है। दक्षिण चीन सागर में इसके स्प्रैटली और पारसेल द्वीपों को लेकर चीन के साथ गंभीर क्षेत्रीय विवाद हैं। भारत अपनी 'इंडो-पैसिफिक विजन' के तहत वियतनाम को आकाश मिसाइल प्रणाली और ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों की आपूर्ति और 'न्हा ट्रांग' में सॉफ्टवेयर पार्क विकसित कर चीन के रणनीतिक घेराव (String of Pearls) को प्रति-संतुलित कर रहा है।

5. राज्य विशेष: लद्दाख (Ladakh)

विशेषताविवरण
क्षेत्रफललगभग 59,146 वर्ग किमी (भारत का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश - क्षेत्रफल में)
राजधानीलेह और कारगिल (संयुक्त राजधानियाँ)
अंतर्राष्ट्रीय सीमाएंउत्तर और पूर्व में चीन (LAC), पश्चिम में पाकिस्तान (LoC) तथा उत्तर-पश्चिम में अफगानिस्तान
मुख्य भौगोलिक इकाईकाराकोरम और जास्कर श्रेणियाँ, पैंगोंग त्सो झील, त्सो मोरीरी, सिंधु नदी, सियाचिन ग्लेशियर
विशेषताशीत मरुस्थल, भारत का पहला 'डार्क स्काई रिजर्व' (हानले), और अत्यंत कम जनसंख्या घनत्व

सामरिक एवं आर्थिक महत्व: लद्दाख भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा का सबसे संवेदनशील अग्रिम मोर्चा है। सियाचिन ग्लेशियर पर नियंत्रण के माध्यम से भारत पाकिस्तान और चीन के सैन्य गठजोड़ (CPEC कॉरिडोर) पर रणनीतिक नजर रखता है। आर्थिक रूप से, चांगथांग क्षेत्र में मिले रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) और सौर ऊर्जा उत्पादन की इसकी असीमित क्षमता (Mega Solar Projects) भारत को भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा और तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने का सबसे बड़ा भौगोलिक पावरहाउस है।

अकादमिक ज्ञान (UPSC विशेष)

5. अंतर्राष्ट्रीय संबंध: दक्षिण चीन सागर में भारत-वियतनाम रणनीतिक साझेदारी और 'इंडो-पैसिफिक' संतुलन

विश्लेषण: भारत की विदेश नीति अब पारंपरिक तटस्थता से आगे बढ़कर 'रणनीतिक सक्रियता' की ओर बढ़ चुकी है। वियतनाम के साथ रसद और रक्षा समझौतों का विस्तार केवल द्विपक्षीय व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चीन की 'सलामी स्लाइसिंग' (Salami Slicing) नीति का कूटनीतिक जवाब है। यदि चीन हिंद महासागर में ग्वादर (पाकिस्तान) और हम्बनटोटा (श्रीलंका) के जरिए भारत को घेरने का प्रयास करता है, तो भारत वियतनाम के 'कैम रान्ह बे' (Cam Ranh Bay) जैसी रणनीतिक जगहों तक पहुंच बनाकर चीन के तटीय बैकयार्ड में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। यह बहुपक्षीय कूटनीति 'नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था' की रक्षा करने और आसियान (ASEAN) देशों के बीच भारत की साख को 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' के रूप में स्थापित करने के लिए मील का पत्थर है।

6. आर्थिक भूगोल एवं भू-राजनीति: लद्दाख में रेयर अर्थ एलिमेंट्स की खोज और भारत की तकनीकी संप्रभुता

विश्लेषण: 21वीं सदी की भू-राजनीति तेल (Oil) से शिफ्ट होकर 'क्रिटिकल मिनरल्स' (Critical Minerals) पर केंद्रित हो गई है। हरित अर्थव्यवस्था (Green Economy) के लिए आवश्यक तकनीकें जैसे पवन टर्बाइन, इलेक्ट्रिक वाहन और उन्नत मिसाइल गाइडेंस सिस्टम बिना रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) के असंभव हैं। वर्तमान में, चीन दुनिया के 70% से अधिक REE निष्कर्षण और 90% प्रसंस्करण को नियंत्रित करता है, जिसका उपयोग वह भू-राजनीतिक हथियार के रूप में करता है (जैसे जापान और अमेरिका के खिलाफ निर्यात प्रतिबंध)। लद्दाख के चांगथांग में इन भंडारों की खोज भारत को 'आत्मानिर्भर भारत' विजन के तहत इस चीनी एकाधिकार से मुक्ति दिला सकती है। प्रशासनिक स्तर पर, अब चुनौती इस अत्यंत नाजुक पारिस्थितिक तंत्र (Eco-sensitive zone) को नुकसान पहुंचाए बिना टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल खनन तकनीकों को विकसित करने की है।

प्रेरक उद्धरण (UPSC मुख्य परीक्षा परिप्रेक्ष्य)

"स्वभावेन हि संसद्भिः कल्याणं क्रियते भुवि। नीतिहीनं तु यद्राष्ट्रं तत् नश्यत्यचिरादिव॥" (नीति और न्याय से संचालित समाज और राष्ट्र ही पृथ्वी पर वास्तविक कल्याण ला सकते हैं। जो राष्ट्र नीतिविहीन और अनैतिक कूटनीति पर चलता है, उसका पतन निश्चित है।)`

व्याख्या: नीति और धर्म का यह सिद्धांत शासन व्यवस्था की आत्मा है। आज जब विश्व में विस्तारवादी नीतियां और यूक्रेन या मध्य-पूर्व जैसी भू-राजनीतिक अराजकता व्याप्त है, तब भारत 'नीति और वैश्विक कानून' पर आधारित न्यायपूर्ण व्यवस्था की वकालत करता है। चाहे वह संयुक्त राष्ट्र में सुधार की बात हो या वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में निष्पक्षता की, भारत का रुख हमेशा वैश्विक कल्याण (Global Good) से प्रेरित होता है। इसे नीतिशास्त्र (GS Paper 4) और निबंध में 'वैश्विक कूटनीति के नैतिक आयाम' जैसे विषयों में खूबसूरती से इस्तेमाल किया जा सकता है।

आज का प्रश्न (Mains Perspective - GS Paper 2 & 3)

प्रश्न: "क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) पर बढ़ता वैश्विक नियंत्रण वर्तमान युग की नई 'भू-आर्थिक' (Geo-economic) जंग का केंद्र बन गया है।" लद्दाख में हाल ही में खोजी गई भूवैज्ञानिक संभावनाओं के आलोक में, इस क्षेत्र में चीन के वैश्विक एकाधिकार का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए तथा भारत के तकनीकी और रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक नीतिगत कदमों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)

आज का अभ्यास प्रश्न (अभ्यास)

प्रश्न 1: दक्षिण-पूर्व एशिया का वह कौन सा देश है जो मेकांग डेल्टा के आर्थिक क्षेत्र और दक्षिण चीन सागर में रणनीतिक स्थिति के साथ भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' का एक मजबूत रक्षा भागीदार है?

उत्तर: वियतनाम (Vietnam)।

प्रश्न 2: भारत का वह कौन सा केंद्र शासित प्रदेश है, जिसे हाल ही में भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण में 'दुर्लभ पृथ्वी तत्वों' (Rare Earth Elements) के संभावित विशाल भंडार के कारण देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है?

उत्तर: लद्दाख (विशेष रूप से चांगथांग का शीत मरुस्थलीय क्षेत्र)।