मैं और परमपिता परमेश्वर

प्रज्ञा वत्स

मैं और परमपिता परमेश्वर

25 जून 2026

मैं और आप बहुत दूर हैं।
इतनी दूर कि
आप अनसुनी कर देते हैं
मेरी हर वो भिक्षा
जो मैने घुटने पर बैठ कर,
गिड़गिड़ाते हुए मांगी आपसे।
मैं और आप बहुत पास है
इतने पास कि
मुझे दिख जाते हैं आप
कनखियों से हंसते हुए
और मेरी हर अपूर्ण कामना
का उपहास उड़ाते हुए।

©प्रज्ञा वत्स 24 जून 2026@(कव्य कुंज, आलोक पत्रिका)