अमन दुबे
शब्द
24 जून 2026
शब्दों पर पकड़ बनाने की कोशिश मे ,
भावनाएं कम्पित होती है
और छुट जाते हैं कई शब्द
शब्द,जो रेत के समान मुठ्ठी से लगातार फिशलते रहते हैं
और अंत मे बचते हैं केवल रिक्तता से भरे हाथ
जैसे शब्दों के बाद बचती है केवल भावनाएं ।।
©अमन दुबे 24 जून 2026@(कव्य कुंज, आलोक पत्रिका)