आलोक
दैनिक समसामयिक पत्रिका | 16 जून, 2026
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा 'पुनः प्रयोज्य प्रक्षेपण यान' (RLV) 'पुष्पक' का तीसरा सफल लैंडिंग प्रयोग: खबर: इसरो ने कर्नाटक के चित्रदुर्ग में एयरोनॉटिकल टेस्टレンジ (ATR) से अपने स्वायत्त पुनः प्रयोज्य प्रक्षेपण यान 'पुष्पक' (RLV-LEX-03) का तीसरा लगातार सटीक लैंडिंग परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
महत्व: यह सफलता भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों की लागत को अभूतपूर्व रूप से कम करेगी। भारत अब कम लागत वाले सुरक्षित अंतरिक्ष अभियानों और वैश्विक वाणिज्यिक उपग्रह प्रक्षेपण बाजार में अपनी आत्मनिर्भरता और तकनीकी बढ़त को मजबूत कर चुका है।
नीति आयोग द्वारा 'राष्ट्रीय आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम' (ABP) का प्रगति प्रतिवेदन जारी: खबर: नीति आयोग ने देश के सबसे पिछड़े 500 ब्लॉकों में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास की समीक्षा के लिए 'आकांक्षी ब्लॉक सूचकांक' की अद्यतन रैंकिंग जारी की है, जिसमें जमीनी स्तर पर व्यापक सुधार दर्ज किए गए हैं।
महत्व: यह सूचकांक स्थानीय स्तर पर 'सहकारी संघवाद' (Cooperative Federalism) और डेटा-संचालित शासन (Data-driven Governance) को बढ़ावा देता है, जिससे विकास की दौड़ में सबसे पीछे छूट गए क्षेत्रों को मुख्यधारा में लाना आसान हुआ है।
नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व में 'ऑपरेशन वेस्ट-निल' के तहत आक्रामक प्रजातियों के उन्मूलन का विशेष अभियान: खबर: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा पश्चिमी घाट के इस संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र में 'लैंटाना कैमरा' और 'सेना स्पेक्टेबिलिस' जैसी विदेशी आक्रामक खरपतवारों को हटाने के लिए स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर एक व्यापक प्रशासनिक अभियान चलाया गया है।
महत्व: आक्रामक प्रजातियां स्थानीय वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और जैव विविधता के लिए बड़ा खतरा हैं। इस अभियान से न केवल घास के मैदानों का पुनरुद्धार होगा, बल्कि भोजन की तलाश में भटकने वाले जीवों के कारण होने वाले मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) में भी कमी आएगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा 'राष्ट्रीय डेटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क' (NDGFP) का क्रियान्वयन: खबर: सरकार ने गैर-व्यक्तिगत डेटा (Non-Personal Data) को सुरक्षित रूप से साझा करने और स्टार्टअप्स व शोधकर्ताओं के लिए अनुसंधान को सुलभ बनाने के लिए 'इंडिया डेटासेट प्लेटफॉर्म' के प्रशासनिक नियमों को अधिसूचित कर दिया है।
महत्व: यह नीति गोपनीयता और डेटा सुरक्षा से समझौता किए बिना कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के नेतृत्व वाले नवाचारों को गति देगी, जो भारत की डिजिटल संप्रभुता (Digital Sovereignty) और भविष्य के तकनीकी ढांचे के लिए एक अनिवार्य कदम है।
भारत-यूरोपीय संघ (EU) व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (TTC) की मंत्रिस्तरीय बैठक: खबर: ब्रुसेल्स में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत और ईयू ने सुरक्षित सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला, एआई गवर्नेंस मॉडल और हरित हाइड्रोजन (Green Hydrogen) मानकों के मिलान के लिए एक साझा कार्यबल स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की है।
महत्व: यह साझेदारी वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में चीन के बढ़ते एकाधिकार को संतुलित करने और भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ताओं के लिए एक मजबूत रणनीतिक और आर्थिक धरातल तैयार करने में मदद करेगी।
हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) की समुद्री सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन: खबर: कोलंबो में आयोजित इस क्षेत्रीय मंच पर भारत ने 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' की अपनी भूमिका को दोहराते हुए मित्र देशों के साथ समुद्री डकैती विरोधी अभियानों और वास्तविक समय के सूचना साझाकरण को मजबूत करने का प्रस्ताव रखा है।
महत्व: हिंद महासागर में वाणिज्यिक जहाजों की निर्बाध सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत की रणनीतिक नीति 'सागर' (SAGAR - Security and Growth for All in the Region) का मूल आधार है, जो वैश्विक व्यापार मार्गों को सुरक्षित बनाती है।
जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 'राष्ट्रीय भूजल प्रबंधन पुरस्कार 2026' की घोषणा: खबर: 'अटल भूजल योजना' के प्रभावी क्रियान्वयन और जन-भागीदारी के माध्यम से घटते भूजल स्तर को ऊपर उठाने के लिए इस वर्ष मध्य प्रदेश और राजस्थान के चुनिंदा जिलों को प्रशासनिक रूप से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया है।
महत्व: यह पुरस्कार विकेंद्रीकृत जल प्रबंधन और 'कम्युनिटी ओनरशिप' को बढ़ावा देता है, जिससे आने वाले समय में गंभीर जल संकट से निपटने के लिए ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
भारतीय नौसेना द्वारा स्वदेशी 'स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर' INS इम्फाल का पहला सुदूर मिशन तैनात: खबर: प्रोजेक्ट 15B के तहत निर्मित इस अत्याधुनिक युद्धपोत को अदन की खाड़ी और अरब सागर के रणनीतिक जंक्शनों पर सुरक्षा गश्त के लिए तैनात किया गया है, जो ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली से लैस है।
महत्व: यह तैनाती भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता और वैश्विक समुद्री संकटों के बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्गों को खुला व सुरक्षित रखने की उसकी रणनीतिक इच्छाशक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा सिनौली (उत्तर प्रदेश) में ताम्रपाषाण कालीन रथों के संरक्षण की नई तकनीक का प्रयोग: खबर: एएसआई ने सिनौली उत्खनन स्थल से प्राप्त 4000 वर्ष पुराने योद्धा वर्ग के साक्ष्यों और लकड़ी के रथों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए रासायनिक कोटिंग की एक नई स्वदेशी पद्धति का सफल अनुप्रयोग किया है।
महत्व: यह खोज भारतीय उपमहाद्वीप में प्राचीन युद्ध कला, परिष्कृत धातु विज्ञान और सभ्यता के क्रमिक विकास के इतिहास को एक नया और प्रामाणिक आधार प्रदान करती है, जो इतिहास और संस्कृति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
4. देश: वियतनाम (Vietnam)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| भौगोलिक स्थिति | दक्षिण-पूर्व एशिया (इंडोचाइना प्रायद्वीप) - दक्षिण चीन सागर के तट पर स्थित |
| राजधानी | हनोई (Hanoi) |
| मुद्रा | वियतनामी डोंग (Vietnamese Dong) |
| मुख्य भौगोलिक इकाई | मेकांग नदी डेल्टा, रेड नदी, अनमाइट पर्वत श्रृंखला |
| सामरिक महत्व | दक्षिण चीन सागर (South China Sea) में चीन के दावों का कड़ा विरोधी, भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का प्रमुख स्तंभ |
भू-राजनीतिक महत्व: भारत और वियतनाम के बीच रक्षा संबंध बेहद गहरे हैं। भारत ने वियतनाम को अपनी 'आकाश' मिसाइल प्रणाली और नौसैनिक गश्ती नौकाएं प्रदान की हैं। दक्षिण चीन सागर में चीनी आक्रामकता के बीच दोनों देश नौसैनिक सहयोग और नेविगेशन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक रूप से साथ काम कर रहे हैं।
5. राज्य विशेष: लद्दाख (Ladakh)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| क्षेत्रफल | भारत का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश (सामरिक दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील) |
| राजधानी | लेह और कारगिल |
| अंतरराष्ट्रीय सीमा | पाकिस्तान (PoK) और चीन (अक्साई चिन - वास्तविक नियंत्रण रेखा) |
| मुख्य भौगोलिक इकाई | सिंधु नदी घाटी, पैंगोंग त्सो झील, नुब्रा घाटी, सियाचिन ग्लेशियर |
| विशेषता | 'शीत मरुस्थल' (Cold Desert), अत्यधिक ऊंचाई वाले दर्रे (उमलिंग ला - दुनिया की सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क) |
सामरिक एवं आर्थिक महत्व: वर्ष 2020 के गतिरोध के बाद से लद्दाख में सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। चीन की किसी भी चाल का जवाब देने के लिए यहाँ 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम' (Vibrant Villages Programme) के तहत सीमावर्ती गांवों (जैसे डेमचोक, चुशुल) में बुनियादी ढांचे का तीव्र विकास किया जा रहा है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'जोजिला सुरंग' का निर्माण सेना की बारहमासी कनेक्टिविटी को सुनिश्चित करने के लिए मिल का पत्थर साबित हो रहा है।
6. भौगोलिक इकाई: बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab-el-Mandeb Strait)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| प्रकार | वैश्विक व्यापार और भू-राजनीतिक सुरक्षा का अत्यंत संवेदनशील समुद्री चोकपॉइंट |
| जोड़ता है | लाल सागर (Red Sea) को अदन की खाड़ी और अरब सागर से |
| भौगोलिक स्थिति | उत्तर-पूर्व में यमन (अरब प्रायद्वीप) और दक्षिण-पश्चिम में जिबूती व इरिट्रिया (हॉर्न ऑफ अफ्रीका) के बीच |
| महत्व | स्वेज नहर के माध्यम से एशिया को यूरोप से जोड़ने वाले व्यापारिक जहाजों का एकमात्र प्रवेश मार्ग |
भू-राजनीतिक तनाव: यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर किए जाने वाले हमलों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को हिलाकर रख दिया है। इसके चलते जहाजों को अफ्रीका का चक्कर लगाकर जाना पड़ता है, जिससे माल ढुलाई की लागत बढ़ जाती है। भारत अपने यूरोपीय व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए इस क्षेत्र में भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को गश्त पर तैनात रखता है, जो इस क्षेत्र में भारत के कूटनीतिक और नौसैनिक प्रभाव को सिद्ध करता है।
5. अंतर्राष्ट्रीय संबंध: लाल सागर संकट (बाब-अल-मंडेब) और भारत की समुद्री कूटनीति
विश्लेषण: बाब-अल-मंडेब में कोई भी सुरक्षा व्यवधान भारत के निर्यात और आयात को सीधे प्रभावित करता है, विशेष रूप से यूरोप और उत्तरी अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार को। मार्ग परिवर्तन से लगने वाले अतिरिक्त समय और बढ़े हुए बीमे (Insurance Premium) के कारण भारतीय वस्तुओं की वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता कम हो जाती है। इसके जवाब में भारत 'बहु-आयामी समुद्री दृष्टिकोण' अपना रहा है। एक तरफ भारत वैश्विक समुद्री सुरक्षा गठबंधन के साथ सूचनाएं साझा करता है, वहीं दूसरी तरफ वह स्वतंत्र रूप से अरब सागर के उत्तरी छोर पर अपने जहाजों को सुरक्षा कवर प्रदान करता है। यह रणनीति भारत को एक जिम्मेदार, स्वायत्त और 'नेट सुरक्षा प्रदाता' वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करती है।
6. आंतरिक सुरक्षा: अंतरिक्ष परिसंपत्तियों का रक्षात्मक उपयोग और इसरो के RLV का महत्व
विश्लेषण: आधुनिक युद्ध अब केवल थल, नभ और जल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह अंतरिक्ष (Space Warfare) तक फैल चुके हैं। वास्तविक समय की खुफिया जानकारी, सीमा पर निगरानी और सुरक्षित संचार के लिए उपग्रहों की भूमिका अनिवार्य हो चुकी है। ऐसे में अंतरिक्ष मिशनों की बढ़ती लागत और उपग्रहों को समय पर बदलने की चुनौती से निपटने के लिए 'पुनः प्रयोज्य प्रक्षेपण यान' (RLV) तकनीक भारत के लिए गेम-चेंजर है। युद्ध या आपातकाल की स्थिति में दुश्मन द्वारा देश के उपग्रहों को नुकसान पहुँचाने पर, भारत इस तकनीक के जरिए बेहद कम समय और न्यूनतम लागत पर नए टोही उपग्रह (Reconnaissance Satellites) अंतरिक्ष में स्थापित करने में सक्षम हो जाएगा, जो हमारी आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को अभेद्य बनाता है।
प्रेरक उद्धरण (UPSC मुख्य परीक्षा परिप्रेक्ष्य)
"तेजस्वी नावधीतमस्तु।" (हम दोनों [गुरु और शिष्य] एक साथ तेजस्वी बनें और हमारा ज्ञान दीप्तिमान हो।) - तैत्तिरीय उपनिषद
व्याख्या: यह प्राचीन प्रार्थना समावेशी विकास, सहयोगात्मक शासन और ज्ञान-आधारित समाज की स्थापना के मूल विचार को दर्शाती है। आधुनिक प्रशासनिक संदर्भ में, इसका उपयोग सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), नागरिक-केंद्रित शासन, और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में 'वैश्विक भलाई के लिए साझा ज्ञान' (जैसे जलवायु परिवर्तन और एआई गवर्नेंस) के महत्व को रेखांकित करने के लिए निबंध, नीतिशास्त्र (GS Paper 4) और GS Paper 2 में प्रभावी रूप से किया जा सकता है।
आज का प्रश्न (Mains Perspective - GS Paper 3)
प्रश्न: "वैश्विक समुद्री चोकपॉइंट्स पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और गैर-राज्य अभिकर्ताओं (Non-state actors) का हस्तक्षेप भारत की आर्थिक स्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है।" बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य के हालिया संकट के आलोक में इस कथन का परीक्षण कीजिए तथा भारत द्वारा अपनी समुद्री सीमाओं और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
आज का अभ्यास प्रश्न (अभ्यास)
प्रश्न 1: स्वेज नहर के माध्यम से यूरोप की ओर जाने वाले जहाजों के लिए प्रवेश द्वार माना जाने वाला 'बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य' किन दो भू-भागों (प्रायद्वीप/महाद्वीप) को अलग करता है?
उत्तर: यह अरब प्रायद्वीप (यमन) को अफ्रीका महाद्वीप (जिबूती और इरिट्रिया) से अलग करता है।
प्रश्न 2: हाल ही में चर्चा में रहा 'पुश्पक' (RLV) क्या है, जिसके लैंडिंग प्रयोग का तीसरा सफल परीक्षण इसरो द्वारा किया गया है?
उत्तर: यह भारत का स्वदेशी 'पुनः प्रयोज्य प्रक्षेपण यान' (Reusable Launch Vehicle) है, जो भविष्य में अंतरिक्ष मिशनों की लागत को कम करने के लिए विमान की तरह रनवे पर स्वायत्त लैंडिंग करने में सक्षम है।