आलोक
दैनिक समसामयिक पत्रिका | 12 जून, 2026
'डीप ओशन मिशन' (Deep Ocean Mission) के तहत 'मत्स्य 6000' का पहला उथला मड-ट्रायल सफल: खबर: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) और राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान (NIOT) ने भारत की पहली मानवयुक्त पनडुब्बी 'मत्स्य 6000' (Matsya 6000) का तटीय जल में परिचालन और दबाव संतुलन परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
महत्व: यह मिशन भारत को मध्य हिंद महासागर में पॉलीमेटालिक नोड्यूल्स (गैस हाइड्रेट्स, तांबा, निकल) के अन्वेषण की क्षमता देगा। भारत ब्लू इकोनॉमी और गहरे समुद्र के संसाधनों के सतत दोहन के क्षेत्र में तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 'डिजिटल रुपया' (e-Rupee) के ऑफलाइन हस्तांतरण का पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च: खबर: केंद्रीय बैंक ने दूरदराज के इंटरनेट-विहीन और कम कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) के लेनदेन को सुलभ बनाने के लिए एक नए फीचर का अनावरण किया है।
महत्व: यह नवाचार ग्रामीण भारत में डिजिटल साक्षरता की बाधाओं को पार करते हुए वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा देगा और भौतिक मुद्रा के मुद्रण व प्रबंधन पर आने वाली प्रशासनिक लागत को काफी कम करेगा।
वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) द्वारा ऑपरेशन 'वाइल्डनेट-VIII' का समापन: खबर: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत संचालित इस देशव्यापी खुफिया अभियान में सोशल मीडिया और डार्कवेब पर होने वाली दुर्लभ जीवों की अवैध तस्करी के कई अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट्स का भंडाफोड़ किया गया है।
महत्व: यह सफलता जैव विविधता के संरक्षण के प्रति भारत की कड़े रुख को दर्शाती है। साइबर स्पेस का उपयोग कर हो रहे संगठित पारिस्थितिकी अपराधों (Ecological Crimes) को रोकने में यह प्रशासनिक तकनीकी समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है।
राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति - 'सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण' (ATMP) हब का विस्तार: खबर: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गुजरात और असम के बाद अब दक्षिण भारत में दो नए अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग प्लांट स्थापित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन को मंजूरी दी है।
महत्व: वैश्विक चिप आपूर्ति श्रृंखला (Chip Supply Chain) में उथल-पुथल के बीच, भारत घरेलू स्तर पर सेमीकंडक्टर डिजाइन और निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रहा है, जिससे ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों की बाहरी निर्भरता न्यूनतम होगी।
भारत-मध्य एशिया रणनीतिक सुरक्षा वार्ता का आयोजन: खबर: नई दिल्ली में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, अफगानिस्तान की स्थिति और नशीली दवाओं की सीमा पार तस्करी रोकने पर सामूहिक सहमति व्यक्त की है।
महत्व: यूरेशियाई भू-राजनीति में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच, यह वार्ता मध्य एशियाई देशों के साथ भारत के गहरे होते 'ऐतिहासिक और सुरक्षात्मक' संबंधों को सुदृढ़ करती है और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) के क्रियान्वयन को बल देती है।
अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) में दो नए लैटिन अमेरिकी देश शामिल: खबर: विदेश मंत्रालय के अनुसार, पेरू और चिली ने आधिकारिक तौर पर आईएसए के फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिससे संगठन के पूर्ण सदस्यों की संख्या में और वृद्धि हुई है।
महत्व: भारत की पहल पर शुरू हुआ यह वैश्विक मंच अब लैटिन अमेरिका में पैर पसार रहा है, जिससे वैश्विक दक्षिण (Global South) में सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा और पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों को प्राप्त करना आसान होगा।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) में भारत को महत्वपूर्ण तकनीकी जिम्मेदारी: खबर: वियना में आयोजित बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक के दौरान भारत के परमाणु वैज्ञानिकों को असैन्य परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा और अपशिष्ट प्रबंधन के वैश्विक मानकों की समीक्षा समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है।
महत्व: परमाणु अप्रसार संधि (NPT) पर हस्ताक्षर न करने के बावजूद, परमाणु क्षेत्र में भारत के बेदाग ट्रैक रिकॉर्ड और उन्नत स्वदेशी तकनीकों को यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता वैश्विक पटल पर देश के कूटनीतिक कद को बढ़ाती है।
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा 'अर्बन रिफॉर्म्स इंडेक्स 2026' जारी: खबर: केंद्र सरकार ने देश के मिलियन-प्लस शहरों का मूल्यांकन करने वाला नया सूचकांक जारी किया है, जिसमें अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण, हरित आवरण (Urban Greenery) और म्यूनिसिपल बांड जारी करने की प्रशासनिक क्षमता को मुख्य मानक बनाया गया है।
महत्व: यह इंडेक्स नगर पालिकाओं को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने और शहरों को जलवायु-अनुकूल (Climate Resilient Cities) बनाने के लिए प्रशासनिक सुधारों की दिशा तय करता है।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा 'मिशन कर्मयोगी' के तहत एआई-संचालित प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म लॉन्च: खबर: सिविल सेवकों की कार्यक्षमता और नागरिक सेवा वितरण में सुधार के लिए 'iGOT-Karmayogi' पोर्टल पर वास्तविक समय के मामले-आधारित (Case-based) एआई सिमुलेशन मॉड्यूल की शुरुआत की गई है।
महत्व: यह प्रशासनिक सुधार पारंपरिक रट्टा-आधारित प्रशिक्षण से हटकर 'क्षमता-आधारित' शासन (Competency-based Governance) की ओर एक बड़ा कदम है, जो ग्राउंड-लेवल अधिकारियों की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को निखारेगा।
ओडिशा सरकार द्वारा 'मो जंगल जामी योजना' का प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण: खबर: राज्य सरकार ने अनुसूचित जनजातियों और पारंपरिक वन निवासियों को व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकारों (Forest Rights Act) के वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए उपग्रह इमेजरी और जियो-टैगिंग के उपयोग का निर्देश दिया है।
महत्व: वनाधिकारों का पूर्ण डिजिटलीकरण जनजातीय समुदायों की आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करता है, भूमि विवादों को रोकता है और वन संरक्षण नीतियों में स्थानीय समुदायों की भागीदारी (Community Ownership) को बढ़ाता है।
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा 'अग्नि-प्राइम' (Agni-Prime) मिसाइल का सफल रात्रिकालीन परीक्षण: खबर: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल का लगातार दूसरा सफल नाइट-ट्रायल पूरा किया गया, जिसने उच्च सटीकता के साथ अपने लक्ष्य को भेदा।
महत्व: कैनिस्टराइज्ड (Canisterised) प्रणाली से लैस होने के कारण इस मिसाइल को बहुत कम समय में कहीं भी तैनात और लॉन्च किया जा सकता है, जो भारत की 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' (Credible Minimum Deterrence) को रणनीतिक रूप से मजबूत करती है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा राखीगढ़ी में हड़प्पा काल के नए अवशेषों की खोज: खबर: हरियाणा के राखीगढ़ी में चल रहे उत्खनन के दौरान पुरातात्विक विंग को सुनियोजित जल निकासी प्रणाली और मिट्टी के बर्तनों के निर्माण के कारखाने के साक्ष्य मिले हैं, जो लगभग 4500 वर्ष पुराने हैं।
महत्व: यह खोज सिंधु-सरस्वती सभ्यता के नगरीय विन्यास और तत्कालीन औद्योगिक व व्यापारिक अंतर्संबंधों को समझने के लिए नए अकादमिक आयाम खोलती है, जो इतिहास और संस्कृति (GS Paper 1) के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा पश्चिमी तट पर 'सागर कवच' अभ्यास का आयोजन: खबर: मानसून से पहले चक्रवाती तूफानों और तटीय बाढ़ से निपटने की प्रशासनिक तैयारियों को परखने के लिए भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और तटीय राज्यों के नागरिक प्रशासनों के बीच एक संयुक्त मॉक-ड्रिल का आयोजन किया गया।
महत्व: बहु-एजेंसी समन्वय को मजबूत करने वाला यह अभ्यास संकट के समय त्वरित अनुक्रिया समय (Response Time) को कम करने और जानमाल की क्षति को न्यूनतम करने के लिए अनिवार्य है।
4. देश: कजाकिस्तान (Kazakhstan)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| भौगोलिक स्थिति | दुनिया का सबसे बड़ा भू-आबद्ध देश (Largest Landlocked Country) - मध्य एशिया |
| राजधानी | अस्ताना (Astana) |
| मुद्रा | कजाकस्तानी टेंगे (Kazakhstani Tenge) |
| मुख्य भौगोलिक इकाई | कैस्पियन सागर (तटीय सीमा), यूराल नदी, कजाक कंकरीट स्टेपी |
| सामरिक महत्व | विश्व का सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक, चीन के 'बेल्ट एंड रोड' (BRI) का मुख्य गलियारा |
भू-राजनीतिक महत्व: भारत अपनी 'कनेक्ट न्यूक्लियर कूटनीति' के तहत कजाकिस्तान को परमाणु ऊर्जा का एक अनिवार्य रणनीतिक साझेदार मानता है, क्योंकि भारत के परमाणु रिएक्टरों के लिए यूरेनियम आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा यहीं से आता है। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और मध्य एशिया शिखर सम्मेलनों के जरिए दोनों देश क्षेत्रीय सुरक्षा और यूरेशियाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर साथ काम कर रहे हैं।
5. राज्य विशेष: अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| क्षेत्रफल | 83,743 वर्ग किमी (पूर्वोत्तर भारत का क्षेत्रफल में सबसे बड़ा राज्य) |
| राजधानी | ईटानगर |
| अंतरराष्ट्रीय सीमा | भूटान, म्यांमार और चीन (वास्तविक नियंत्रण रेखा - मैकमोहन रेखा) |
| मुख्य भौगोलिक इकाई | दिहांग/ब्रह्मपुत्र नदी घाटी, तवांग घाटी, नमदफा राष्ट्रीय उद्यान |
| विशेषता | 'उगते सूर्य की भूमि', जैव विविधता का हॉटस्पॉट, चीन के साथ क्षेत्रीय दावों के कारण अत्यधिक संवेदनशील |
सामरिक एवं आर्थिक महत्व: चीन द्वारा इस क्षेत्र को 'दक्षिण तिब्बत' का हिस्सा बताने के आक्रामक दावों के कारण अरुणाचल प्रदेश राष्ट्रीय सुरक्षा की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीमावर्ती क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए केंद्र सरकार की 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम' (Vibrant Villages Programme) यहाँ तेजी से लागू की जा रही है। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 'सेला सुरंग' और तवांग तक ब्रॉडगेज रेल लाइन का विकास भारतीय सेना की त्वरित तैनाती क्षमता को अभूतपूर्व शक्ति प्रदान करता है।
6. भौगोलिक इकाई: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| प्रकार | वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री धमनी |
| जोड़ता है | फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से |
| भौगोलिक स्थिति | उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान व संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच |
| महत्व | दुनिया के कुल पेट्रोलियम तरल पदार्थों के व्यापार का लगभग 20-30% इसी संकरे मार्ग से होकर गुजरता है |
भू-राजनीतिक तनाव: ईरान और पश्चिमी देशों के बीच होने वाले भू-राजनीतिक टकरावों के दौरान इस जलमार्ग को ब्लॉक करने की धमकियां अक्सर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ला देती हैं। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से इसी मार्ग के जरिए आयात करता है। खाड़ी क्षेत्र में किसी भी संकट के दौरान भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौसेना यहाँ **'ऑपरेशन संकल्प' (Operation Sankalp)** चलाती है, जो इस क्षेत्र में भारत के कूटनीतिक और नौसैनिक प्रभाव को सिद्ध करता है।
5. अंतर्राष्ट्रीय संबंध: होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट और भारत की 'खाड़ी कूटनीति'
विश्लेषण: होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई भी भू-राजनीतिक व्यवधान भारत की मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता (Macro-economic Stability) को सीधे खतरे में डाल सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से भारत का चालू खाता घाटा (CAD) और राजकोषीय घाटा बढ़ता है, जिससे घरेलू स्तर पर मुद्रास्फीति अनियंत्रित हो सकती है। इसके अलावा, खाड़ी देशों में रहने वाले लगभग 85 लाख से अधिक भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा भी दांव पर लग जाती है, जिनका भेजा धन (Remittances) भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करता है। इसलिए, भारत इस क्षेत्र में 'रणनीतिक स्वायत्तता' (Strategic Autonomy) की नीति अपनाता है, जहाँ वह एक ओर अमेरिका समर्थित आर्थिक मंचों (जैसे I2U2 और IMEC) का हिस्सा है, तो दूसरी ओर ईरान के चाबहार बंदरगाह को विकसित कर यूरेशिया तक अपना स्वतंत्र मार्ग भी सुरक्षित रखता है।
6. आंतरिक सुरक्षा: सीमावर्ती बुनियादी ढांचा और 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम' का रणनीतिक प्रभाव
विश्लेषण: पारंपरिक रूप से सीमा सुरक्षा को केवल सैन्य चौकियों और गश्त के चश्मे से देखा जाता था, लेकिन आधुनिक 'हाइब्रिड वॉरफेयर' के दौर में सीमावर्ती गांवों का खाली होना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। चीन द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पार आधुनिक 'शियाओकांग' (Xiaokang - मॉडल विलेज) बसाने की रणनीति के जवाब में भारत ने 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम' की शुरुआत की है। इसके तहत अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और उत्तराखंड के सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचा, पर्यटन, इंटरनेट और आजीविका के साधन विकसित किए जा रहे हैं। इसका प्रशासनिक उद्देश्य सीमावर्ती आबादी को वहीं रोक कर रखना है, क्योंकि स्थानीय नागरिक ही किसी भी बाहरी घुसपैठ के खिलाफ सेना की 'आंख और कान' (First Line of Information) साबित होते हैं।
7. अर्थव्यवस्था एवं विज्ञान: 'ब्लू इकोनॉमी' और डीप ओशन मिशन के रणनीतिक व पर्यावरणीय आयाम
विश्लेषण: समुद्र की गहराई में 6000 मीटर नीचे जाकर संसाधनों की खोज करना केवल एक वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भविष्य की भू-आर्थिक संप्रभुता का मामला है। नवीकरणीय ऊर्जा (सौर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी) के निर्माण के लिए आवश्यक दुर्लभ तत्व (Rare Earth Elements) ज़मीन पर सीमित हैं और उन पर चीन का एकाधिकार है। ऐसे में समुद्री तलहटी से पॉलीमेटालिक नोड्यूल्स निकालना भारत के 'हरित संक्रमण' को गति दे सकता है। हालांकि, नीति निर्माताओं के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती 'गहरे समुद्र के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र' (Benthic Ecosystem) को बचाए रखने की है। अंतरराष्ट्रीय समुद्र तल प्राधिकरण (ISA) के नियमों के तहत खनन के साथ-साथ समुद्री पर्यावरण के प्रभाव का कठोर मूल्यांकन करना प्रशासनिक व नैतिक रूप से आवश्यक है।
प्रेरक उद्धरण (UPSC मुख्य परीक्षा परिप्रेक्ष्य)
"यतो धर्मस्ततो जयः।" (जहाँ धर्म [सत्य/न्याय/कर्तव्य] है, वहीं विजय है।) - महाभारत
व्याख्या: यह आदर्श वाक्य भारत के सर्वोच्च न्यायालय और हमारी राष्ट्रीय नीतियों की आत्मा को व्यक्त करता है। चाहे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कानून-आधारित वैश्विक व्यवस्था (Rules-based International Order) का समर्थन करना हो, या घरेलू स्तर पर बिना किसी भेदभाव के अंतिम छोर के नागरिक तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुँचाना (Antyodaya) हो—भारत हमेशा अपनी नीतियों को 'कर्तव्य और न्याय' के तराजू पर तौलता है। इसे निबंध, नीतिशास्त्र (GS Paper 4) और GS Paper 2 में 'न्यायपालिका की भूमिका' और 'अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नैतिक मूल्य' जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से विश्लेषित करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
आज का प्रश्न (Mains Perspective - GS Paper 3)
प्रश्न: "सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास और वहां की स्थानीय आबादी का स्थायित्व, बाह्य सुरक्षा खतरों के विरुद्ध एक मजबूत रणनीतिक ढाल का निर्माण करता है।" चीन के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के विशेष संदर्भ में इस कथन का परीक्षण कीजिए तथा केंद्र सरकार के 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम' (Vibrant Villages Programme) की भूमिका की विवेचना कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
आज का अभ्यास प्रश्न (अभ्यास)
प्रश्न 1: वैश्विक तेल व्यापार के लिए रणनीतिक रूप से संवेदनशील 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) किन दो महत्वपूर्ण जल निकायों को आपस में जोड़ता है?
उत्तर: यह फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी (Anomalous Extension of Arabian Sea) से जोड़ता है।
प्रश्न 2: भारत के किस सीमावर्ती राज्य में पलायन को रोकने और नागरिक-सैन्य सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम' के तहत अवसंरचनात्मक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है?
उत्तर: अरुणाचल प्रदेश (यह लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और सिक्किम में भी लागू है, लेकिन चीन सीमा के रणनीतिक दृष्टिकोण से अरुणाचल में इसका बड़ा फोकस है)।