30/05/2026

आलोक

दैनिक समसामयिक पत्रिका | 30 मई, 2026

राष्ट्रीय परिदृश्य एवं प्रशासन

अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का विस्तार: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के सहयोग से निजी क्षेत्र के लिए 'सैटेलाइट असेंबली और टेस्टिंग' (AIT) हब को पूरी तरह चालू कर दिया है। इसका उद्देश्य वैश्विक वाणिज्यिक उपग्रह बाजार में भारत की हिस्सेदारी को आगामी तीन वर्षों में दोगुना करना है।

डिजिटल समावेशन: इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) ने ग्रामीण क्षेत्रों में एआई-संचालित भाषाई अनुवाद को मजबूत करने के लिए 'भाषिणी' (Bhashini) प्लेटफॉर्म के नए अपडेट की घोषणा की है। इससे अब 18 स्थानीय बोलियों में सरकारी बैंकिंग और कृषि सेवाओं का लाभ वॉयस-कमांड के जरिए लिया जा सकेगा।

ब्लू इकोनॉमी को गति: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने तटीय राज्यों में 'डीप ओशन मिशन' के तहत समुद्री जैव विविधता के संरक्षण और सतत मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए एक एकीकृत तटीय प्रबंधन नीति का मसौदा राज्यों के साथ साझा किया है।

राजनीति एवं प्रशासनिक नियुक्तियां

कैबिनेट सचिवालय में बदलाव: केंद्र सरकार ने प्रशासनिक सुधारों की गति को तेज करने और अंतर-मंत्रालयी समन्वय को बेहतर बनाने के लिए नीतिगत निर्णयों की निगरानी हेतु 'प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप' (PMG) के नए प्रमुख की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

वित्तीय नियामक मजबूत: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एल्गोरिथमिक ट्रेडिंग (Algo Trading) और खुदरा निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए एक नई उच्च स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया है, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां

सांस्कृतिक विरासत का पुनरुद्धार: संस्कृति मंत्रालय ने 'राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन' के तहत देश भर की प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों के शत-प्रतिशत डिजिटलीकरण का लक्ष्य समय से पहले पूरा कर लिया है। इन अमूल्य दस्तावेजों को शोधकर्ताओं के लिए 'ज्ञानकोश' पोर्टल पर निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

पर्यावरण और समाज: आगामी 5 जून को होने वाले 'विश्व पर्यावरण दिवस' के मद्देनजर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने देश भर के शिक्षण संस्थानों और नागरिक समाजों के सहयोग से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की है।

महत्वपूर्ण सूचना

स्वास्थ्य एडवायजरी: राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) ने गर्मी के बढ़ते प्रकोप और हीटवेव (Heatwave) को देखते हुए राज्यों के लिए एक नई स्वास्थ्य गाइडलाइन जारी की है। इसमें सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल केंद्रों की स्थापना और कार्यस्थलों पर काम के घंटों में बदलाव करने की सिफारिश की गई है।

भौगोलिक और राजनीतिक जानकारी

1. देश: वियतनाम (Vietnam)

विशेषताविवरण
क्षेत्रफल331,212 वर्ग किमी.
जनसंख्यालगभग 10 करोड़
राजधानीहनोई (Hanoi)
मुद्रावियतनामी डोंग (VND)
मुख्य भौगोलिक क्षेत्रमेकांग डेल्टा (Mekong Delta) और रेड रिवर डेल्टा
मुख्य सागर तटदक्षिण चीन सागर (South China Sea)

भू-राजनीतिक महत्व: वियतनाम दक्षिण-पूर्वी एशिया (ASEAN) का एक प्रमुख और रणनीतिक देश है। भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' (Act East Policy) और इंडो-पैसिफिक विज़न में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। रक्षा सहयोग, सेमीकंडक्टर विनिर्माण और समुद्री सुरक्षा के मोर्चे पर भारत और वियतनाम के द्विपक्षीय संबंध लगातार गहरे हो रहे हैं।

स्थिति: यह हिंद-चीन प्रायद्वीप के पूर्वी छोर पर स्थित है, जिसकी सीमाएँ चीन, लाओस और कंबोडिया से मिलती हैं।

2. राज्य विशेष: केरल (Kerala)

विशेषताविवरण
क्षेत्रफल38,863 वर्ग किमी.
राजधानीतिरुवनंतपुरम
तटीय सीमामालाबार तट (अरब सागर)
विशेष उपलब्धिमानव विकास सूचकांक (HDI) और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में शीर्ष स्थान
मुख्य भौगोलिक संरचनाएंवेम्बनाड झील, अष्टमुडी झील और पश्चिमी घाट (Western Ghats)

सामरिक एवं आर्थिक महत्व: केरल अपनी अनूठी जन-सांख्यिकी और प्रवासियों द्वारा भेजे जाने वाले धन (Remittances) के कारण भारत की अर्थव्यवस्था में विशेष स्थान रखता है। विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय डीपवाटर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट के चालू होने से यह वैश्विक समुद्री व्यापारिक मार्गों पर भारत का एक बड़ा हब बन गया है।

3. भौगोलिक संरचना: मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca)

विशेषताविवरण
प्रकारविश्व का सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री व्यापार चोकपॉइंट
जोड़ता हैहिंद महासागर (Andaman Sea) को प्रशांत महासागर (South China Sea) से
भौगोलिक स्थितिइंडोनेशिया (सुमात्रा) और मलेशिया/सिंगापुर प्रायद्वीप के बीच
महत्ववैश्विक व्यापार का लगभग एक-चौथाई और चीन के तेल आयात का 80% इसी संकीर्ण मार्ग से गुजरता है

भू-राजनीतिक तनाव: मलक्का जलडमरूमध्य को लेकर चीन की 'मलक्का दुविधा' (Malacca Dilemma) सुविदित है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के सैन्य तनाव या नाकेबंदी से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह ठप हो सकती है। भारत अपने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की रणनीतिक स्थिति के कारण इस चोकपॉइंट पर मजबूत निगरानी क्षमता रखता है।

अकादमिक ज्ञान (UPSC विशेष)

1. अंतर्राष्ट्रीय संबंध: हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में 'सार्क' बनाम 'बिम्सटेक'

विश्लेषण: भारत की विदेश नीति में क्षेत्रीय सहयोग के लिए सार्क (SAAR) के निष्क्रिय होने के बाद बिम्सटेक (BIMSTEC) एक प्रभावी मंच के रूप में उभरा है। बंगाल की खाड़ी के देशों के साथ कनेक्टिविटी, आतंकवाद विरोधी सहयोग और आपदा प्रबंधन में बिम्सटेक का महत्व बढ़ा है। मुख्य चुनौती सदस्य देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को धरातल पर उतारना और चीनी निवेश के प्रभाव को संतुलित करना है।

2. विज्ञान एवं तकनीक: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का विनियमन और वैश्विक मानक

विश्लेषण: एआई और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग ने वैश्विक स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के सामने गंभीर चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं। भारत 'ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन एआई' (GPAI) के माध्यम से एक ऐसे संतुलित विनियमन की वकालत कर रहा है जो नवाचार (Innovation) को रोके बिना सुरक्षा और नैतिक मानकों को सुनिश्चित करे। तकनीकी संप्रभुता और डेटा सुरक्षा का मुद्दा अब राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न अंग बन चुका है।

3. राजव्यवस्था (Polity): दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) की प्रासंगिकता और विसंगतियां

विश्लेषण: संविधान की 10वीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने में कई बार नाकाम रही है। राजनीतिक दलों के भीतर विभाजन और विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) की शक्तियों को लेकर उठते विवादों ने इस कानून की समीक्षा को अनिवार्य बना दिया है। विभिन्न न्यायिक निर्णयों और विधि आयोग की सिफारिशों के अनुसार, दलबदल के मामलों पर निर्णय लेने की शक्ति किसी स्वतंत्र निकाय या चुनाव आयोग को सौंपी जानी चाहिए।

4. पर्यावरण: कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (CCTS) और भारत का ग्रीन ट्रांजिशन

विश्लेषण: भारत ने घरेलू कार्बन बाजार को औपचारिक रूप देकर नेट-जीरो (Net-Zero) लक्ष्यों की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। हालांकि, भारतीय उद्योगों के लिए कार्बन मूल्य निर्धारण (Carbon Pricing) और यूरोपीय संघ के 'कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म' (CBAM) जैसी बाहरी चुनौतियाँ मौजूद हैं। कृषि और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को कार्बन बाजार से जोड़ना पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों के लिए हितकर होगा।

प्रेरक उद्धरण (UPSC मुख्य परीक्षा परिप्रेक्ष्य)

"कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥" (तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने पर है, उसके फलों पर कभी नहीं। इसलिए कर्मों के फल की इच्छा वाले मत बनो और तुम्हारी रुचि कर्म न करने में भी न हो।) - श्रीमद्भगवद्गीता (अध्याय 2, श्लोक 47)

व्याख्या: निष्काम कर्म का यह सिद्धांत लोक सेवा में 'तटस्थता' (Objectivity) और 'अनासक्ति' का मूल आधार है। एक सिविल सेवक को बिना किसी राजनीतिक दबाव या व्यक्तिगत लाभ-हानि की चिंता किए, केवल जन-कल्याण और संवैधानिक मूल्यों को ध्यान में रखकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। यह श्लोक प्रशासनिक सत्यनिष्ठा (GS Paper 4) के संदर्भ में कर्तव्य-बोध की श्रेष्ठ व्याख्या करता है।

आज का प्रश्न (Mains Perspective - GS Paper 3)

प्रश्न: "कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जहां एक ओर आर्थिक संवृद्धि और प्रशासनिक सुगमता का माध्यम है, वहीं दूसरी ओर यह आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने के लिए एक गंभीर खतरा भी बन रही है।" इस कथन का परीक्षण करते हुए बताइए कि भारत इसके सुरक्षित और नैतिक उपयोग के लिए क्या विनियामक कदम उठा सकता है? (250 शब्द, 15 अंक)

आज का अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1: भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के तहत हिंद-चीन प्रायद्वीप के पूर्वी तट पर स्थित किस देश के साथ भारत के सामरिक संबंध हाल ही में प्रगाढ़ हुए हैं?

उत्तर: वियतनाम (Vietnam)।

प्रश्न 2: 'मलक्का दुविधा' (Malacca Dilemma) शब्द वैश्विक भू-राजनीति में मुख्य रूप से किस देश की रणनीतिक संवेदनशीलता को दर्शाता है?

उत्तर: चीन (China)।

प्रश्न 3: नव-विकसित विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय डीपवाटर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट भारत के किस तटीय राज्य में स्थित है?

उत्तर: केरल (Kerala)।