आलोक
दैनिक समसामयिक पत्रिका | 29 मई, 2026
कृषि तकनीक को बढ़ावा: केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 'डिजिटल कृषि मिशन' के अंतर्गत देश के 5 लाख से अधिक गांवों के भू-अभिलेखों (Land Records) को डिजिटल मैपिंग से जोड़ने का कार्य पूरा कर लिया है। इससे किसानों को संस्थागत ऋण और फसल बीमा का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा।
अवसंरचना विकास: नीति आयोग ने अपनी हालिया रिपोर्ट में 'स्मार्ट सिटीज मिशन' के दूसरे चरण (Smart Cities 2.0) की रूपरेखा प्रस्तुत की है। इस नए चरण का मुख्य ध्यान शहरों में 'सर्कुलर इकोनॉमी' और शून्य अपशिष्ट प्रबंधन (Zero Waste Management) पर केंद्रित होगा।
रिन्यूएबल एनर्जी: भारत ने सौर और पवन ऊर्जा क्षमता के विस्तार में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए अपनी कुल स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को 200 गीगावाट (GW) के पार पहुँचा दिया है, जो वैश्विक पर्यावरण लक्ष्यों के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कर्नाटक में नया अध्याय: कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में मनोनीत नेता का शपथ ग्रहण समारोह आगामी दो दिनों के भीतर राजभवन में आयोजित किया जाएगा। पार्टी हाईकमान ने राज्य में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए नए उप-मुख्यमंत्रियों के नामों पर भी विचार-विमर्श तेज कर दिया है।
न्यायिक नियुक्ति: राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश को नए केंद्रीय कानून और प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के अध्यक्ष के रूप में अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपने की मंजूरी दे दी है।
साहित्यिक विरासत को नमन: प्रख्यात गज़लकार स्वर्गीय बशीर बद्र साहब की याद में देश के विभिन्न हिस्सों में सांस्कृतिक अकादमियों द्वारा शोक सभाओं और 'बशीर बद्र स्मृति काव्य संध्या' का आयोजन किया जा रहा है। उनकी साहित्यिक रचनाओं को डिजिटल रूप से संरक्षित करने के लिए एक विशेष सरकारी पोर्टल बनाने की मांग उठी है।
योग महोत्सव 2026: आगामी 21 जून को होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के भव्य आयोजन की तैयारियों के सिलसिले में आयुष मंत्रालय ने देश के 100 ऐतिहासिक स्थलों पर 'काउंटडाउन योग महोत्सव' की शुरुआत की है।
साइबर सुरक्षा अलर्ट: भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) ने नागरिकों के लिए एक नई एडवायजरी जारी की है। इसमें एआई-जनित वॉयस क्लोनिंग (Voice Cloning) और फर्जी वित्तीय आपातकाल के संदेशों से सावधान रहने तथा संदिग्ध नंबरों की रिपोर्ट तुरंत 'चक्षु' (Chakshu) पोर्टल पर करने का आग्रह किया गया है।
1. देश: मिस्र (Egypt)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| क्षेत्रफल | 1,010,408 वर्ग किमी. |
| जनसंख्या | लगभग 11.2 करोड़ |
| राजधानी | काहिरा (Cairo) |
| मुद्रा | मिस्री पाउंड (EGP) |
| मुख्य मरुस्थल | सहारा मरुस्थल (Sahara Desert) |
| मुख्य नदियां | नील नदी (Nile River - विश्व की सबसे लंबी नदी) |
भू-राजनीतिक महत्व: मिस्र अफ्रीका, भूमध्य सागर और मध्य पूर्व के चौराहे पर स्थित एक रणनीतिक देश है। यह ब्रिक्स (BRICS) का नया सदस्य है। भारत के साथ इसके संबंध रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वेज नहर आर्थिक क्षेत्र में निवेश को लेकर काफी प्रगाढ़ हो रहे हैं।
स्थिति: यह उत्तर-पूर्वी अफ्रीका और सिनाई प्रायद्वीप के माध्यम से एशिया महाद्वीप से जुड़ा हुआ है।
2. राज्य विशेष: अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| क्षेत्रफल | 83,743 वर्ग किमी. |
| राजधानी | ईटानगर |
| अंतर्राष्ट्रीय सीमाएँ | भूटान, चीन (तिब्बत) और म्यांमार |
| विशेष उपलब्धि | भारत का 'उगते सूरज की भूमि' (Land of the Rising Sun) |
| मुख्य नदियां | सियांग (ब्रह्मपुत्र), लोहित और सुबनसिरी |
सामरिक महत्व: अरुणाचल प्रदेश सामरिक दृष्टिकोण से भारत का अत्यंत महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्य है। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए यहाँ 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम' (Vibrant Villages Programme) को तेजी से लागू किया जा रहा है ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों से पलायन रोका जा सके।
3. भौगोलिक संरचना: हॉरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| प्रकार | अत्यंत संवेदनशील वैश्विक चोकपॉइंट |
| जोड़ता है | फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से |
| भौगोलिक स्थिति | ईरान और ओमान (मुसेंदम प्रायद्वीप) के बीच |
| महत्व | विश्व के कुल कच्चे तेल के परिवहन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है |
भू-राजनीतिक तनाव: हॉरमुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ है। ईरान और पश्चिमी देशों के बीच होने वाले किसी भी भू-राजनीतिक टकराव का सीधा असर इस मार्ग पर पड़ता है, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तुरंत प्रभावित होती हैं। भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए इस क्षेत्र में स्थिरता अनिवार्य है।
1. अंतर्राष्ट्रीय संबंध: ग्लोबल साउथ (Global South) का उदय और भारत का नेतृत्व
विश्लेषण: वैश्विक भू-राजनीति में 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील और अल्पविकसित देशों) की आवाज मुखर हो रही है। भारत ने जी-20 में अफ्रीकी संघ को शामिल कराकर और बहुपक्षीय मंचों पर सुधारों की मांग उठाकर खुद को ग्लोबल साउथ के एक विश्वसनीय नेता के रूप में स्थापित किया है। मुख्य चुनौती पश्चिमी देशों और चीन के प्रभाव के बीच संतुलन बनाते हुए इन देशों के आर्थिक हितों की रक्षा करना है।
2. आंतरिक सुरक्षा: आंतरिक उग्रवाद और 'सॉफ्ट पावर' दृष्टिकोण
विश्लेषण: पूर्वोत्तर भारत और वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित क्षेत्रों में केवल सैन्य बल के प्रयोग के बजाय 'विकास और विश्वास' के दोहरे मॉडल ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं। आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों का पुनर्वास, बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास और स्थानीय जनजातीय संस्कृति का संरक्षण ही आंतरिक उग्रवाद को स्थायी रूप से समाप्त करने का एकमात्र मार्ग साबित हो रहा है।
3. राजव्यवस्था (Polity): राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियां और संघवाद (Federalism)
विश्लेषण: हाल के दिनों में कई राज्यों में मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे और त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों (Discretionary Powers) की भूमिका पर गंभीर बहस छिड़ी है। सरकारी आयोग और पुंछी आयोग की सिफारिशों के आलोक में, राज्यपाल को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केवल संवैधानिक मर्यादा और 'सहकारी संघवाद' के सिद्धांतों के अनुसार ही निर्णय लेना चाहिए।
4. अर्थशास्त्र: भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग (Food Processing Sector) की चुनौतियाँ
विश्लेषण: भारत दुनिया का सबसे बड़ा कृषि उत्पादक देशों में से एक होने के बावजूद प्रसंस्करण (Processing) के मामले में काफी पीछे है। कोल्ड चेन अवसंरचना की कमी और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज का कमजोर होना मुख्य बाधाएं हैं। पीएम किसान संपदा योजना (PMKSY) के माध्यम से इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाना कृषि आय को दोगुना करने और ग्रामीण रोजगार के सृजन के लिए गेम-चेंजर हो सकता है।
प्रेरक उद्धरण (UPSC मुख्य परीक्षा परिप्रेक्ष्य)
"यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः। स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥" (श्रेष्ठ पुरुष जो-जो आचरण करते हैं, अन्य लोग भी वैसा ही आचरण करते हैं। वह जो कुछ प्रमाण या आदर्श प्रस्तुत कर देता है, समस्त संसार उसी का अनुसरण करने लगता है।) - श्रीमद्भगवद्गीता (अध्याय 3, श्लोक 21)
व्याख्या: यह श्लोक प्रशासनिक नैतिकता और 'अनुकरणीय नेतृत्व' (Exemplary Leadership) का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। एक सिविल सेवक के रूप में आपकी ईमानदारी, निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा न केवल अधीनस्थ कर्मचारियों के लिए एक मानक स्थापित करती है, बल्कि समाज में नागरिक-प्रशासन के बीच विश्वास को भी मजबूत करती है। लोक प्रशासन और नीतिशास्त्र (GS Paper 4) में नैतिक शासन की व्याख्या के लिए यह एक उत्कृष्ट संदर्भ है।
आज का प्रश्न (Mains Perspective - GS Paper 2 & 4)
प्रश्न: "एक सुदृढ़ लोकतंत्र में राज्यपाल का पद केंद्र और राज्य के बीच की कड़ी है, न कि केंद्र का एजेंट।" इस कथन के परिप्रेक्ष्य में, हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के आलोक में राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों की सीमाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
आज का अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1: सीमावर्ती क्षेत्रों से पलायन को रोकने और वहां बुनियादी विकास सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित कार्यक्रम का नाम क्या है?
उत्तर: वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम (Vibrant Villages Programme)।
प्रश्न 2: फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन समुद्री चोकपॉइंट का नाम क्या है?
उत्तर: हॉरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)।
प्रश्न 3: विश्व की सबसे लंबी नदी 'नील नदी' किस देश की भौगोलिक और आर्थिक जीवनरेखा मानी जाती है?
उत्तर: मिस्र (Egypt)।