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25/05/2026

आलोक

दैनिक समसामयिक पत्रिका | 25 मई, 2026

राष्ट्रीय परिदृश्य एवं प्रशासन

उर्वरक आपूर्ति: केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। किसानों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

खनन क्षेत्र में तेजी: केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने लंबित खनन परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को विकास कार्यों में तेजी लाने और बाधाओं को दूर करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

राष्ट्रपति का दौरा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 26 से 28 मई तक सिक्किम के दौरे पर रहेंगी, जहाँ वे राज्य के विभिन्न विकास कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों में शामिल होंगी।

विज्ञान एवं तकनीकी नवाचार

जैव चिकित्सा पहल: आईसीएमआर (ICMR) ने देश का अब तक का सबसे बड़ा जैव चिकित्सा नवाचार एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यक्रम लॉन्च किया है, जो चिकित्सा अनुसंधान को नई गति प्रदान करेगा।

सुरक्षा तकनीक: प्रकाश आधारित नई तकनीक से सुरक्षा कवच विकसित किया जाएगा। यह तकनीक नकली करेंसी और नकली उत्पादों की सटीक पहचान करने में अत्यंत प्रभावी साबित होगी।

सैनिक कल्याण: सैनिकों और पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए, उन्हें अब आधुनिक रेडियोथेरेपी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

सुरक्षा एवं वैश्विक सुदृढ़ता

NIA की कार्रवाई: NIA ने जम्मू-कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी से जुड़े टेरर फंडिंग नेटवर्क के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए तलाशी अभियान चलाया है।

चुनावी सुदृढ़ता: निर्वाचन आयोग ने 'जोखिम प्रबंधन और चुनावी सुदृढ़ता' पर पांच-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इसका मुख्य फोकस चुनावी विश्वसनीयता और सार्वजनिक विश्वास को मजबूत करना है।

विविध भौगोलिक और राजनीतिक जानकारी

1. राज्य: महाराष्ट्र

विशेषताविवरण
क्षेत्रफल307,713 वर्ग किमी.
जनसंख्यालगभग 11.2 करोड़ (2011 जनगणना)
राजधानीमुंबई
कुल जिले36
साक्षरता82.34%
मुख्य भाषामराठी

स्थापना: 1 मई 1960 को भाषाई आधार पर बॉम्बे राज्य के विभाजन से महाराष्ट्र का गठन हुआ।

स्थिति: इसके उत्तर में गुजरात और मध्य प्रदेश, पूर्व में छत्तीसगढ़, दक्षिण में कर्नाटक और गोवा तथा पश्चिम में अरब सागर स्थित है।

2. देश: जापान (Japan)

विशेषताविवरण
क्षेत्रफल377,975 वर्ग किमी.
राजधानीटोक्यो
मुद्राजापानी येन (JPY)
साक्षरता99% से अधिक
मुख्य भाषाजापानी

स्थापना: जापान का लिखित इतिहास बहुत पुराना है। आधुनिक जापान का गठन 1868 की 'मेजी पुनर्स्थापना' के बाद हुआ, जिसने इसे एक औद्योगिक शक्ति बनाया।

स्थिति: यह पूर्वी एशिया में स्थित एक द्वीप देश है, जो प्रशांत महासागर के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। इसके चारों ओर जापान सागर, ओखोत्स्क सागर और पूर्वी चीन सागर हैं।

3. भौगोलिक संरचना: नील नदी (The Nile)

विशेषताविवरण
प्रकारविश्व की सबसे लंबी नदी
लंबाईलगभग 6,650 किमी.
उद्गमविक्टोरिया झील (श्वेत नील) और इथियोपिया (नीली नील)
मुहानाभूमध्य सागर (डेल्टा)

महत्व: नील नदी प्राचीन मिस्र की सभ्यता का आधार रही है। यह उत्तर-पूर्वी अफ्रीका में बहती है और सूडान व मिस्र जैसे देशों के लिए जीवन की मुख्य धारा है।

विशेषता: यह दो प्रमुख सहायक नदियों - श्वेत नील और नीली नील के मिलन से बनती है। यह सहारा मरुस्थल के कठिन हिस्सों से होकर गुजरती है और कृषि के लिए उपजाऊ भूमि प्रदान करती है।

अकादमिक ज्ञान (UPSC विशेष)

1. राजनीति विज्ञान: बुनियादी संरचना का सिद्धांत और न्यायिक समीक्षा (Basic Structure & Judicial Review)

विश्लेषण: केशवानंद भारती मामले के पांच दशकों के बाद, यह सिद्धांत केवल न्यायिक नियंत्रण का साधन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संतुलन का 'सुरक्षा कवच' बन गया है। वर्तमान में चर्चा इस बात पर है कि क्या कॉलेजियम प्रणाली या कुछ विशिष्ट मामलों में न्यायपालिका की 'अति-सक्रियता' (Judicial Overreach) विधायी संप्रभुता को सीमित करती है, या यह संविधान की सर्वोच्चता बनाए रखने के लिए एक अनिवार्य 'चेक्स एंड बैलेंसेस' (Checks and Balenses) का तंत्र है।

2. भूगोल एवं भू-राजनीति: लाल सागर संकट और समुद्री सुरक्षा (Red Sea Crisis & Maritime Security)

विश्लेषण: बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य और लाल सागर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (जैसे हूती विद्रोहियों के हमले) ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को हिलाकर रख दिया है। यह क्षेत्र अब केवल एक व्यापारिक मार्ग नहीं, बल्कि भारत की 'स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी' और इंडो-पैसिफिक विजन के लिए एक बड़ा फ्लैशप्वाइंट बन गया है, जिसने भारत को 'ऑपरेशन संकल्प' और IMEC (भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा) जैसे विकल्पों पर तेजी से काम करने के लिए प्रेरित किया है।

3. अर्थशास्त्र: गिग इकोनॉमी और सामाजिक सुरक्षा ढांचा (Gig Economy & Social Security)

विश्लेषण: आधुनिक श्रम अर्थशास्त्र अब पारंपरिक 'नियोक्ता-कर्मचारी' संबंधों से आगे निकल चुका है। भारत में तेजी से बढ़ती 'गिग अर्थव्यवस्था' (जैसे डिलीवरी पार्टनर, फ्रीलांसर) एल्गोरिदम-आधारित रोजगार तो पैदा कर रही है, लेकिन यह 'द मिसिंग सोशल सेफ्टी नेट' (Missing Social Safety Net) के संकट से जूझ रही है। अब अर्थशास्त्र का मुख्य फोकस केवल रोजगार सृजन पर नहीं, बल्कि इन अस्थाई श्रमिकों को पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और वैधानिक सुरक्षा (जैसे कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020) प्रदान करने पर है।

4. पर्यावरण: प्लैनेटरी बाउंड्रीज और ग्लोबल साउथ का संकट (Planetary Boundaries & Global South)

विश्लेषण: हालिया वैज्ञानिक डेटा के अनुसार, पृथ्वी की 9 'प्लैनेटरी बाउंड्रीज' (जैसे जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता का ह्रास, नया प्रदूषण) में से 6 सीमाओं का खतरनाक उल्लंघन हो चुका है। यह अब केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि एक गंभीर आर्थिक संकट है। इसके कारण 'ग्लोबल नॉर्थ' (विकसित देशों) के ऐतिहासिक उत्सर्जन की कीमत 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) को अपनी उत्तरजीविता और विकास की आकांक्षाओं के बीच कड़े समझौते के रूप में चुकानी पड़ रही है।

प्रेरक उद्धरण (UPSC मुख्य परीक्षा परिप्रेक्ष्य)

"सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।" (सभी सुखी हों, सभी रोगमुक्त रहें।) - बृहदारण्यक उपनिषद्

व्याख्या: लोक प्रशासन और नीति-निर्माण में इस शाश्वत दर्शन का सीधा संबंध 'अंत्योदय' और समावेशी विकास से है। एक सिविल सेवक के लिए प्रशासनिक शक्तियों और लोक नीतियों का अंतिम लक्ष्य समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का कल्याण, सामाजिक न्याय और एक कल्याणकारी राज्य (Welfare State) की स्थापना होना चाहिए।

आज का प्रश्न (Mains Perspective - GS Paper 3)

प्रश्न: "डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और हरित तकनीक (Green Technology) भारत के समावेशी और सतत विकास के नए दोहरे इंजन हैं।" हालिया वैश्विक चुनौतियों और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के संदर्भ में इस कथन का समालोचनात्मक मूल्यांकन करें। (250 शब्द, 15 अंक)

आज का अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1: आईसीएमआर द्वारा लॉन्च किए गए नए कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: जैव चिकित्सा नवाचार एवं प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण।

प्रश्न 2: प्रकाश आधारित तकनीक का प्राथमिक लाभ क्या होगा?

उत्तर: नकली करेंसी और नकली उत्पादों की आसान और सटीक पहचान।

प्रश्न 3: निर्वाचन आयोग की अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला किस विषय पर केंद्रित है?

उत्तर: जोखिम प्रबंधन और चुनावी सुदृढ़ता।